जोगिंद्रनगर में प्राकृतिक जल स्त्रोतों की सफाई करती महिलाएं। संवाद
स्वास्थ्य, राजस्व और जल शक्ति विभाग ने घर-घर पहुंचकर नलों से जांची पानी की गुणवत्त
जाेगिंद्रनगर में पीलिया फैलने से हरकत में आया प्रशासन, स्वच्छता अभियान को मिली रफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडल में पीलिया की दहशत के बीच अब प्राकृतिक पेयजल स्रोतों को साफ सुथरा बनाना शुरू कर दिया है। लगातार बढ़ रहे मामलों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य, राजस्व और जलशक्ति विभाग ने घर-घर पहुंचकर नलों से पानी की गुणवत्ता भी जांची है। करीब 14 गांवाें में पीलिया की दहशत को देखते हुए प्रशासन भी हरकत में आया है। अब खंड स्तर पर भी विशेष स्वच्छता अभियान शुरू कर जल जनित रोगों से बचाव एवं जागरूकता को लेकर ग्रामीण स्तर पर विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इसमें ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं की भी सहभागिता दर्ज करवाई जा रही है।
उपमंडल में बीडीओ चौंतड़ा और द्रंग के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान पंचायत और ग्रामीण स्तर पर मौजूद प्राकृतिक पेयजल स्रोतों को साफ सुथरा बनाया जा रहा है। वहीं, ग्रामीणों को जल जनित रोगों से बचाव बारे भी जागरूक किया जा रहा है। जोगिंद्रनगर में जल जनित रोगों से बचाव के लिए जल शक्ति विभाग की ओर से उपलब्ध करवाए जा रहे पेयजल को इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है। पानी को कम से कम 15 से 20 मिनट तक उबालकर पीने का भी आह्वान भी एसएमओ डॉ. रोशन लाल ने किया है। इसके अलावा किसी भी ऐसे प्राकृतिक पेयजल स्रोत को इस्तेमाल न करने की सलाह दी है, जिसकी गुणवत्ता जांची न गई हो। उधर, एसडीएम मनीश चौधरी ने बताया कि स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों, महिला एवं युवक मंडलों के सहयोग से ग्रामीण स्तर पर मौजूद सभी प्राकृतिक पेयजल स्रोतों की सफाई सुनिश्चित बनाई जा रही है। घर में मौजूद पानी की टंकियों, बर्तन इत्यादि को भी साफ सुथरा रखने की हिदायत दी जा रही है। पंचायतीराज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को ग्रामीण स्तर पर सभी पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता जांचने को कहा गया है।
जोगिंद्रनगर में प्राकृतिक जल स्त्रोतों की सफाई करती महिलाएं। संवाद