नगर परिषद सुंदरनगर के पूर्व उपाध्यक्ष व कांग्रेस समर्थित वरिष्ठ पार्षद नरेश सेन व भाजपा समर्थित तीसरी बार पार्षद बनी रक्षा धीमान ने यहां सयुंक्त पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया है कि मंगलवार को नगर परिषद सुंदरनगर के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव में कांग्रेस व भाजपा ने सरेआम लोकतंत्र की अवहेलना की है।
अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव कांग्रेस व भाजपा ने आपसी खरीद फरोख्त करके किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि वरिष्ठता को दरकिनार करके कांग्रेस व भाजपा ने आपसी मिलीभगत के चलते ऐसे लोगों को अध्यक्ष व उपाध्यक्ष बनाया गया है। जिनका कार्यकाल ज्यादा समय तक नहीं चलने वाला है।
नरेश सेन का कहना है कि कांग्रेस ने उन्हें चुनाव में हराने के लिए उसके खिलाफ ही प्रत्याशी चांगर से खड़ा कर दिया, लेकिन चांगर की जनता के मिले आशीर्वाद से वह पार्षद बने हैं। वह इसके बारे में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह व कांग्रेस पार्टी के अघ्यक्ष सुखविंद्र सिंह से शिकायत करेंगे।
रक्षा धीमान का कहना है कि उन्हें जिला भाजपा अध्यक्ष सोमवार रात हुई बैठक में उसे आश्वस्त किया था कि नगर परिषद अध्यक्ष पर उनकी दावेदारी भाजपा की ओर से तय हुई है, लेकिन ऐन मौके पर समीकरण बदलने की सूरत में वह नामांकन पत्र तक दायर नहीं कर सकी। उनके साथ कोई भी भाजपा समर्थित पार्षद खड़े होने के लिए तैयार नहीं था।