नाचन क्षेत्र के देवीदहड़ पर्यटन स्थल में बर्फबारी में फंसे वाहनों को निकालते हुए स्थानीय लोग।
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मंडी/गोहर (मंडी)। जिले में बारिश-बर्फबारी से 42 सड़कों पर आवाजाही बंद हो गई है। मंडी के कई क्षेत्रों में दूध, ब्रेड सहित जरूरी सामान की सप्लाई भी नहीं हो सकी। बिजली भी गुल रहने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। सड़कों के अवरुद्ध होने से एचआरटीसी की आठ बसें भी जगह-जगह फंस गई हैं। यही नहीं, सैलानियों के वाहन भी फंस गए हैं।
बंद मार्गों में अधिकतर नाचन और सराज क्षेत्र में हैं। मंडी डिविजन की दो, सराज में 35, गोहर में एक और सुंदरनगर में चार सड़कें बंद पड़ी है। थुनाग और जंजैहली में हिमाचल पथ परिवहन निगम की 8 बसें फंसी हैं। पर्यटन स्थलों में सैलानी भी फंस गए हैं। दूध, ब्रेड की सप्लाई न मिलने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जिले में 258 ट्रांसफार्मर बंद होने के चलते दर्जनों पंचायतों में ब्लैक आउट रहा। प्रचंड ठंड में बिजली न होने से लोगों को कठिनाई हुई।
सबसे अधिक ट्रांसफार्मर गोहर में बंद रहे। गोहर में 187, जोगिंद्रनगर 3, बालीचौकी 54, करसोग 15 और सुंदरनगर में 8 ट्रांसफार्मर बंद हैं। इसके अलावा जिले में 27 पेयजल योजनाएं बंद हो गई है। इससे लोगों को पेयजल के लिए भी मशक्कत करनी पड़ी। मंडी की 12, पधर की 14 और करसोग की एक योजना प्रभावित है। थुनाग सब डिपो के प्रभारी सुंदर सिंह ने कहा कि क्षेत्र में आठ बसें फंस गई हैं। इन्हें निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
उधर, विभागीय कर्मचारियों ने सड़कों, बिजली और पानी की आपूर्ति बहाल करने के लिए कार्य शुरू कर दिया है। सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी मशीनें तैनात हैं। उपायुक्त मंडी अरिंदम चौधरी ने बताया कि जिले में 42 सड़कें बंद हैं। इन्हें बहाल करने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
बिजली के 258 ट्रांसफार्मर भी जल्द बहाल कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही पानी की योजनाओं को भी बहाल करने का काम चला हुआ है। उन्होंने लोगों से भी आग्रह किया है कि बर्फबारी से प्रभावित इलाकों में न जाएं।
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