विकास खंड चौंतड़ा की तलकेहड़ पंचायत में मनरेगा के तहत तैयार हुआ पुल। संवाद
- फोटो : कालपी रोड पर विरोध करते हुए बिजली कर्मचारी।
चौंतड़ा (मंडी)। विकास खंड चौंतड़ा में एक साल के भीतर लगभग 14 करोड़ से अधिक की लागत से धरातल में उतरे विभिन्न विकास कार्यों से ग्रामीणों की राहें आसान हुई हैं। करीब 142 पक्के रास्ते और सड़कों का निर्माण कार्य मनरेगा योजना में पूरा किया गया है। 450 से अधिक चेकडैम, डंगे और पुल के कार्य भी किए गए।
बाग पंचायत में लाखों रुपये की लागत से तैयार आंगनबाड़ी भवन में नौनिहालों का बचपन संवरेगा। पस्सल, पीहड़ बेढलू और ममाण बनांदर में भी प्रस्तावित आंगनबाड़ी भवनों को जल्द पूरा करने के लिए मनरेगा कामगार पसीना बहा रहे हैं। हर पंचायत के गांव में पक्के रास्तों के निर्माण और एंबुलेंस सड़कों के कार्य धरातल में उतरते ही अब ग्रामीणों को सहूलियत मिली है।
आपदा में क्षतिग्रस्त मकानों को भी दुरुस्त करने में मनरेगा कामगारों की भूमिका अहम रही है। पंचायतों में कूहलों और जल भंडारण टैंकों का निर्माण भी मनरेगा योजना के तहत किया जा रहा है। एक साल में 12 हजार से अधिक मनरेगा कामगारों को 120 दिन का रोजगार दिलाने में विकास खंड चौंतड़ा मंडी जिले के 23 ब्लॉकों के समकक्ष रहा है। उधर, विकास खंड चौंतड़ा की खंड विकास अधिकारी कला देवी ने बताया कि मनरेगा के तहत हो रहे विकास ग्रामीणों के लिए कई तरह की सौगात लेकर आए हैं।
..
केस स्टडी-1
मटरू पंचायत में 10 लाख की लागत से पक्की सड़क का निर्माण मनरेगा के तहत पूरा हुआ है। मटरू पंचायत की प्रधान रेखा ने बताया कि गांववासियों की मांग को पूरा करने के लिए मनरेगा योजना ही वरदान साबित हुई है।
केस स्टडी-2
तलकेहड़ पंचायत के स्तैन गांव में एक पुल का निर्माण भी मनरेगा कार्य से पूरा हुआ है। तलकेहड़ पंचायत की प्रधान शूचिका ने बताया कि पुल बनने से साथ लगती तिब्बतियन समुदाय की आवासीय कॉलोनी और जिला कांगड़ा के बाशिंदों की आवाजाही सुगम हुई है।