मंडी। नेरचौक मेडिकल कॉलेज के प्रशिक्षु डाक्टर मंडी अस्पताल में प्रैक्टिस करेंगे। इसके लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की टीम नवंबर महीने मंडी अस्पताल का निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के बाद मंडी अस्पताल को नेरचौक मेडिकल कॉलेज के साथ एसोसिएट करने का फैसला होगा। अस्पताल प्रबंधन एमसीआई की टीम आने से पहले पूरी तैयारियों में लगा है। अस्पताल की सभी ओपीडी, वार्डों और अन्य स्थानों की साफ-सफाई के अलावा हर प्रकार की सुविधाओं को ठीक किया जा रहा है।
सब कुछ ठीक रहा तो नेरचौक मेडिकल कॉलेज के प्रशिक्षु डाक्टर कम से कम तीन सालों तक मंडी अस्पताल में प्रैक्टिस करेंगे। नेरचौक मेडिकल कॉलेज में पहले तीन साल सिर्फ कक्षाएं और प्रशासनिक गतिविधियां चलेंगी। इससे पहले एमसीआई की टीम चार बार मंडी अस्पताल का निरीक्षण कर चुकी है। चारों बार एमसीआई की टीम मंडी अस्पताल को नेरचौक मेडिकल कॉलेज के साथ जोड़ने के लिए संतुष्ट नहीं दिखी। अब पांचवीं बार एमसीआई की टीम मंडी अस्पताल का औचक निरीक्षण करेगी। उसके बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा कि मंडी अस्पताल को नेरचौक मेडिकल कॉलेज के साथ जोड़ जाएगा या नहीं। गौर हो कि नेरचौक मेडिकल कॉलेज को चलाने की प्रदेश सरकार ने हामी तो भर दी है लेकिन धरातल पर अभी कॉलेज चलाना स्वास्थ्य विभाग के लिए टेढ़ी खीर बना है। एमसीआई की टीम मंडी अस्पताल की सभी व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए नवंबर महीने में आएगी। उसके बाद आगे का फैसला लिया जाएगा।
कोट्स
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देशराज शर्मा ने कहा कि एमसीआई की टीम इसी महीने मंडी अस्पताल का निरीक्षण करेगी। विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। जल्द ही स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी मंडी अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे।