मंडी। अब गांव-गांव में वृद्धावस्था पेंशन के हकदार ढूंढे जाएंगे। पंचायत प्रतिनिधियों की मदद से लोगों को पेंशन के प्रति जागरूक किया जाएगा। प्रशासन इस कवायद को अमलीजामा पहनाने के लिए विशेष अभियान चलाएगा। इसमें शत-प्रतिशत पात्र वरिष्ठ नागरिकों को योजना से जोड़ा जाएगा।
इस आशय की पुष्टि उपायुक्त मंडी अरिंदम चौधरी ने शुक्रवार की है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि जिले में सभी पंचायती राज संस्थानों और शहरी निकायों में विशेष बैठकें आयोजित कर 60 साल से ऊपर के सभी पात्र लाभार्थियों की कवरेज का एजेंडा रखें।
पात्र लोगों के फार्म भरकर संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय में जमा करवाएं। निर्देश दिए कि पंचायती राज संस्थानों और शहरी निकायों के सभी जन प्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र में पात्र लोगों को शामिल करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि 30 दिनों के बाद जिले में प्रत्येक पंचायत और शहरी निकाय से उनके वहां पात्र लोगों की शत-प्रतिशत कवरेज होने के संबंध में सर्टिफिकेट भी लिए जाएंगे। हिमाचल सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन के लिए आयु सीमा 70 से घटाकर 60 वर्ष कर दी है। इसके लिए आय सीमा की शर्त भी नहीं है। इसमें ऐसे दंपती जो कोई सरकारी पेंशन लेते हों और वे लोग जो इनकम टैक्स प्रदाता हों वे इस पेंशन के दायरे में नहीं आते।
अब तक मिले 4050 पेंशन फार्म
जिला कल्याण अधिकारी मंडी आरसी बंसल ने बताया कि जिले में अब तक 60 साल से ऊपर के पात्र लाभार्थियों के 4,050 पेंशन फार्म प्राप्त हुए हैं। चार वर्षों में मंडी जिले में अलग-अलग श्रेणियों में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के कुल 44,342 नए मामले स्वीकृत किए गए हैं। वर्तमान में 1,13,404 लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जा रही है। पिछले चार सालों में मंडी जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन देने को करीब 500 करोड़ रुपये खर्चे गए हैं। संवाद