सुमन महापौर और जितेंद्र जॉनी ने संभाली उपमहापौर की जिम्मेदारी
मेयर ने कहा, शहर के विकास के लिए अब खींचा जाएगा खाका
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। कानूनी लड़ाई के बाद नगर निगम मंडी को 95 दिन के बाद नए महापौर और उपमहापौर मिल गए हैं। 18 दिन पूर्व पार्षदों के शपथ ग्रहण के बाद भी दोनों प्रमुख नेताओं को अपनी कुर्सियों पर बैठने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। देरी के चलते महापौर सुमन ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट के आदेशों पर शपथ ग्रहण समारोह हुआ। पदभार ग्रहण करते ही नगर निगम की बागडोर आधिकारिक तौर पर सुमन और जितेंद्र जॉनी के हाथ आ गई है।
अब महापौर और उपमहापौर के सामने कर्मचारियों की कमी, ठप पड़े विकास कार्यों को गति देना और निगम की आय बढ़ाना सबसे बड़ी चुनौतियां रहेंगी। महापौर सुमन ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व सहित मंडी और पैलेस कॉलोनी वार्ड-2 की जनता का आभार जताया। कहा कि सभी वार्ड सदस्यों को साथ लेकर सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और शहर के विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
महापौर ने कहा कि धरातल पर हर वार्ड की बुनियादी समस्याओं को ध्यान में रखकर ही विकास का खाका तैयार किया जाएगा। निगम में स्टाफ की कमी के मुद्दे को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के समक्ष उठाकर खाली पदों को भरने की मांग की जाएगी। यदि राज्य सरकार की ओर से इस पर त्वरित कार्रवाई नहीं होती है तो निगम हाउस में प्रस्ताव पास कर अपने स्तर पर भी भर्तियां करने का प्रयास करेगा।