अब प्रशासन से इन शैक्षणिक संस्थानों को दोबारा खोलने का निर्णय लिया है। प्रशासन के इस निर्णय की जहां कुछ लोग सराहना कर रहे हैं तो कई आलोचना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि रास्ते ध्वस्त हो गए हैं। कई स्थानों पर बच्चों की किताबें, कॉपियां, यहां तक की वर्दी भी नहीं रही है। इन हालात में बच्चे कैसे स्कूल पहुंचेंगे। उपमंडल के नौ प्राइमरी स्कूल जीपीएस खबलेच, बखलवार, बन्याड, निहरी-सुनाह, भलवाड़, रूहाड़ा, भूलाह, लांबशाफड़ और नरैतधार एहतियातन 16 जुलाई तक बंद रहेंगे। अन्य सभी शिक्षण संस्थान सोमवार 14 जुलाई से सुचारू रूप से संचालित होंगे। एसडीएम थुनाग रमेश कुमार ने कहा कि संबंधित सरकारी, निजी शैक्षिक संस्थानों तथा प्रशासनिक अधिकारियों को इस आदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
89 पेयजल योजनाएं और 93 सड़कें अभी भी बाधित
मंडी जिले में 68 ट्रांसफार्मर खराब चल रहे हैं। इनमें गोहर में 67 और थलौट में एक ट्रांसफार्मर अभी भी खराब हैं। सराज क्षेत्र में सड़क और पेयजल योजनाएं काफी प्रभावित हुई हैं। प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार जिला में अभी भी 152 सड़कें बाधित हैं। सबसे ज्यादा सराज में 93, थलौट में 25, धर्मपुर में 11, मंडी-दो और सुंदरनगर में दो-दो, करसोग में चार, पधर में पांच, सरकाघाट में सात, जोगिंद्रनगर और गोहर में एक-एक सड़क बाधित है। जिला में 141पेयजल योजनाएं अभी भी प्रभावित हैं। सराज के थुनाग उपमंडल में 89, सुंदरनगर में छह, करसोग में 19 और बग्गी में 27 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। जिला आपदा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि प्रभावित इलाकों में सड़कों और पेयजल योजनाओं की बहाली का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। बताया कि फिलहाल सर्च अभियान जारी रहेगा। पंडोह से लेकर सुंदरनगर तक तलाश की गई है।
दो दिन में तैयार कर दिया लकड़ी का पुल
सराज की पंचायत काकड़ाधार के उपप्रधान किशोरी लाल के नेतृत्व में को ग्रामीणों ने छतरी खड्ड में पुल के निर्माण का कार्य शुरू किया। दो दिन में लोगों ने पुल बनाकर तैयार कर दिया है। इस पुल के बनने से पंचायत काकडाधार और ग्राम पंचायत नहरा मैहरीधार के सैकड़ों लोगों को राहत मिलेगी।