शाख महोत्सव की तीसरी सांस्कृतिक संध्या में लोक नाटी और रॉक संगीत का धमाल
पवनजीत कश्यप और परीक्षित की प्रस्तुतियों पर थिरके युवा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। छोटा पड्डल मैदान में आयोजित शाख महोत्सव की तीसरी सांस्कृतिक संध्या में दीपक जनदेवा के पहाड़ी गीत ..जा रे बादला.. पर मंडीवासी जमकर झूमे। लोक नाटी से लेकर बॉलीवुड रॉक गीतों तक कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया।
कार्यक्रम में सदर विधायक अनिल शर्मा मुख्य अतिथि और नगर निगम मंडी के उपमहापौर जितेंद्र विशिष्ट अतिथि रहे। संध्या की शुरुआत मांडव्य कलामंच के कलाकारों ने पारंपरिक लुड़ी नृत्य से की। इसके बाद कुल्लू के गायक दीपक जनदेवा ने झुरी नाटी, कला लाड़िए और जा रे बादला जैसे लोकप्रिय गीतों से समां बांधा।
सुंदरनगर के युवा गायक पवनजीत कश्यप ने दर्दे दिल, दर्दे जिगर, हाल क्या है दिलों का, न पूछो सनम और एन इवनिंग इन पेरिस जैसे सदाबहार नगमों से माहौल संगीतमय बनाया। वहीं, मैप बॉय बैंड के परीक्षित ने पहले भी मैं तुमसे मिला हूं, रमता जोगी, ऐ दिल है मुश्किल और दिल संभल जा जरा जैसे बॉलीवुड रॉक गीतों से युवाओं में जोश भर दिया।
इससे पहले दूसरी सांस्कृतिक संध्या लोक गायिका गीता भारद्वाज के नाम रही। उन्होंने पहाड़ी नाटियों से दर्शकों का मनोरंजन किया। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मुख्य अतिथि रहे। इस दौरान प्रदेश की विभूतियों और विशेष व्यक्तियों को शाख सम्मान से नवाजा गया। सम्मानित होने वालों में स्वर्गीय डॉ. नीलमणि उपाध्याय के परिजन, नरेश पंडित, देवेंदर नाथ कैथ, सोम देव कश्यप, रवि कांता कश्यप, अमित भटिआ, इंद्रराज इंदु, पोमिला ठाकुर और जगदीश मांडवी शामिल रहे।
शाख मेले की सांस्कृतिक संध्या में प्रस्तुति देते दीपक जनदेवा। संवाद