दुग्ध उत्पादक संघ अपनी समस्याओं को लेकर चक्कर मिल्क प्लांट के अधिकारियों से वार्ता करते हुए। स
- फोटो : बहराइच में भाजपा कार्यालय पर बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री को बुके भेंट करते जिलाध्यक्ष।
मंडी। मंडी जिला दुग्ध उत्पादक संघ का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को चक्कर मिल्क प्लांट के अधीक्षक से मिला और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भगवंत सिंह और राकेश ने किया।
उन्हाेंने बताया कि सभी दुग्ध उत्पादक संघों ने एकमत होकर निर्णय लिया है कि प्रसंघ की ओर से होने वाला भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में करना उचित नहीं है। उनका कहना है कि इस व्यवस्था से संघों की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है और पारदर्शिता पर भी प्रश्न खड़ा होता है।
प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि दुग्ध उत्पादक सहकारी सभाएं स्वयं पंजीकृत संस्थाएं हैं और सरकार की ओर से इनका वार्षिक अंकेक्षण होता है। सभाएं प्रसंघ से उत्पाद लेकर उनका विक्रय करती हैं और भुगतान भी सभाओं के बिल के आधार पर किया जाता है। ऐसे में सीधे भुगतान की प्रणाली व्यावहारिक नहीं है।
संघ ने चेतावनी दी कि यदि इस मुद्दे पर प्रसंघ ने शीघ्र और गंभीरता से विचार नहीं किया तो सचिवों को दुग्ध उत्पादकों के साथ आंदोलन करने पर विवश होना पड़ेगा।
इस अवसर पर दूध उत्पादक संघ द्रंग से भगवंत सिंह, रखोह से राकेश, मझवाड़ से रीना, सरी चौकी से सपना, डहणु से नंदलाल, कसारला बधुआ से सुनीता, मांडल से कुंता देवी आदि ने मांगें रखीं। संवाद