सुंदरनगर (मंडी)। सुंदरनगर में 10 दिसंबर से 10 जनवरी तक प्रस्तावित व्यापार मेले को लेकर विधायक राकेश जम्वाल और स्थानीय व्यापार मंडल के विरोध के बाद नगर परिषद सुंदरनगर ने मेले को रद्द करने के आदेश जारी कर दिए। इसी मेले की अनुमति एक महीने पहले नगर परिषद ने ही जारी की थी।
नगर परिषद की आपात बैठक के बाद लिए गए इस निर्णय से मेले के आयोजक पवन कुमार ने कड़ा रोष जताया है। उन्होंने कहा कि उन्हें मेला आयोजित करने की अनुमति पहले ही दे दी गई थी, जिस आधार पर उन्होंने अन्य जिलों और बाहर के कई व्यापारियों को भी यहां बुला लिया था। व्यापारी अपना सामान लेकर सुंदरनगर पहुंच चुके थे। मेला शुरू होने में अब मात्र दो दिन बचे थे, ऐसे में अचानक रद्द करने के आदेश जारी कर देना व्यापारियों और आयोजक दोनों के साथ अन्याय है।
पवन कुमार ने बताया कि अनुमति मिलने के बाद उन्होंने सभी औपचारिकताएं पूरी की थीं और 3.41 लाख रुपये की राशि भी नगर परिषद में जमा करवाई थी। उन्होंने कहा कि यह मेला 2017 में शुरू हुआ था, 2019 से 2021 तक बंद रहा, फिर 2022 में नगर परिषद ने इसे पुनः शुरू करने की अनुमति दी। 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के कारण मेला नहीं हो पाया। 2024 में भी नगर परिषद ने इसे कराने की अनुमति दी थी। इस बार अनुमति मिलने के बाद तैयारी शुरू की गई। उन्होंने नुकसान का मुआवजा मांगा है। उधर, व्यापार मंडल सुंदरनगर के अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल ने कहा कि यह सुंदरनगर के व्यापारियों की सबसे बड़ी जीत है।
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मेला रद्द करने के आदेश जारी कर दिए है। ठेकेदार को तीन दिन के भीतर अपना सामान समेटने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
-ललित कुमार, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद सुंदरनगर