नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर की बहुमंजिला ईमारत में हो रहे पानी के रिसाव से क्षतिग्रस्त हुई दीवार
जोगिंद्रगनर (मंडी)। 100 बिस्तरों वाला नागरिक अस्पताल अब मरीजों के लिए सुरक्षित नहीं रहा है। बीते दस सालों से हो रहे पानी के रिसाव से पांच मंजिला भवन पर खतरा मंडरा गया है। महिला, पुरुष, सर्जिकल रोगी वार्डों के अलावा चौथी मंजिल पर मौजूद ऑपरेशन थियेटर में शुरू हुए वर्षा के पानी का रिसाव अब धरातल पर पहुंच गया है। बहुमंजिला इमारत की दीवारों और छतों में दरारें आ गई हैं।
प्रयोगशालाओं के आरक्षित कमरे भी पानी के रिसाव से बदहाल हो गए हैंं। छतों से प्लास्टर गिरने से मरीजों और अस्पताल में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों के लिए खतरा बन गया है। अस्पताल के कई हिस्सों में हो रहे रिसाव से भवन जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो चुका है। फर्नीचर तबाह होने के साथ कार्यालय भी बारिश के पानी से लबालब हो जाने से सरकारी रिकॉर्ड बचाना चुनौती बना हुआ है।
बता दें कि अस्पताल के पांच मंजिला भवन का निर्माण करीब बीस साल पहले हुआ था और बजट के अभाव से इसके रखरखाव पर पेश आ रही दिक्कतों से अब इस भवन पर खतरे के बादल मंडरा गए हैं।
नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर के भवन में वर्षा के पानी से पेश आ रही दिक्कतों के समाधान को लेकर स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों और संबंधित विभाग से लगातार संपर्क किया जा रहा है।
-डॉ अंकित, कार्यवाहक प्रभारी, नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर
नागरिक अस्पताल में पेश आ रही दिक्कतों के समाधान को लेकर बैठकों में आवश्यक दिशा निर्देश अस्पताल प्रशासन को दिए जा रहे हैं। भवन के मरम्मत कार्य को लेकर बजट व अन्य समस्याओं के समाधान को जल्द निरीक्षण कर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-डॉ. दिपाली शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी मंडी