फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mandi News: भूस्खलन, दलदल, फिसलन व धंसे हुए डंगों ने सड़कों को बनाया काल का मुंह

Thu, 07 Aug 2025 06:56 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
विज्ञापन
विज्ञापन
थुनाग (मंडी)। सराज घाटी में आपदा ने सड़कों को मौत का जाल बना दिया है। छतरी क्षेत्र में महज पंद्रह दिनों में ही दिल दहलाने वाले हादसे सामने आए हैं। 18 जुलाई को मेहरीधार के डूमी कैंची में पिकअप जीप हादसे में एक नेपाली की जान गई। अब मंशाई मोड़ पर कार हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। बालीचौकी में रविवार को एक टिपर हादसे में चालक की मौत हो गई। सरकाघाट के तरांगला गलू में भी डंगा धंसने से बस हादसाग्रस्त हो गई थी। ये हादसे प्रशासन की लापरवाही को उजागर करते हैं।
विज्ञापन

भूस्खलन, दलदल, फिसलन और धंसे हुए डंगों ने सड़कों को काल का मुंह बना दिया है। नाले सड़कों पर बेकाबू बह रहे हैं और नए नाले उभर आए हैं। किसान सभा अध्यक्ष बिहारी लाल ने आरोप लगाया कि अस्थायी सड़कें बनाकर खानापूर्ति की गई, जो खुद खतरे का सबब हैं। आधे घंटे का सफर अब डेढ़ घंटे का दर्द बन चुका है। छोटी गाड़ियां कीचड़ में फंसकर जिंदगियां खतरे में डाल रही हैं।

स्थानीय ग्रामीण दिनेश राणा के अनुसार इस मोड़ पर पहले भी एक ट्रक दुर्घटना हो चुकी थी और ग्रामीणों ने खतरे की चेतावनी के लिए पत्थर रखे थे। हालांकि पीडब्ल्यूडी की कथित लापरवाही के चलते कोई चेतावनी संकेत या बैरियर नहीं लगाया गया, जिससे यह हादसा हुआ।
विज्ञापन

माकपा नेता महेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि विभागीय लापरवाही से क्षतिग्रस्त सड़कों पर न चेतावनी बोर्ड, न रिफ्लेक्टर, न ही पत्थर रखे गए हैं। ग्रामीण तत्काल सड़क सुधार और ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। रोशन लाल ने पूछा कि आखिर कब तक इस तरह की लापरवाही के चलते लोग अपनी जान गंवाते रहेंगे। उधर, एसडीएम थुनाग रमेश कुमार ने वाहन चालकों से गाड़ियों को पहले-दूसरे गियर, टायरों की ग्रिप जांच करने और दिन में यात्रा करने आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि खराब सड़कों पर चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश लोक निर्माण विभाग को दिए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें