पधर (मंडी)। उपमंडल की कुफरी पंचायत के लागधार और बड़ीधार पंचायत के ग्रामीणों को गांव के लिए पक्के रास्तों और नालों पर फुटब्रिज का निर्माण न होने से बरसात के मौसम में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। करीब 250 की आबादी वाले लागधार गांव के लोगों को नाले के पानी के तेज उफान में जान जोखिम में डालकर उतरना पड़ता है।
स्थानीय निवासी कैप्टन नानक चंद लगवाल (सेवानिवृत्त), ज्ञान चंद, कर्म सिंह, चंद्र सिंह, लक्ष्मण राम, नरपत राम, देवी राम, रमेश कुमार, खजान सिंह, सीता देवी, बीरी सिंह, कमला देवी, कृष्णा देवी, बसंती देवी, प्रेम सिंह, शेर सिंह, ओंकार सिंह, लता देवी आदि ने बताया कि आजादी के आठ दशक बाद भी उनके गांव को पक्के रास्ते का निर्माण तक नहीं हो पाया है। ग्रामीणों की लंबे समय से सड़क सुविधा की मांग भी सिरे नहीं चढ़ पाई है।
नाले पर फुट ब्रिज का निर्माण न होने से ग्रामीणों को स्कूली बच्चों को कंधे पर उठाकर नाला पार करवाना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में नाले के तेज उफान में यहां किसी प्रकार की अप्रिय घटना घट सकती है। कैप्टन नानक चंद लगवाल ने बताया कि गांव से लगभग तीन दर्जन बच्चे रोजाना स्कूल जाते हैं, जिन्हें स्कूल टाइम और छुट्टी होने पर ग्रामीणों को नाले के पास पहुंचकर नाला आर-पार करवाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने लागधार नाले पर फुटब्रिज का निर्माण करने के अलावा गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने की मांग प्रदेश सरकार से की है।
पंचायत प्रधान ओम प्रकाश ठाकुर ने कहा कि लागधार गांववासियों की पुल, पक्के रास्ते और सड़क सुविधा की मांग जायज है। पंचायत के माध्यम से वह भी लोगों की मांग को स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह से उठाकर निराकरण करवाएंगे।