जोगिंद्रनगर (मंडी)। एचआरटीसी डिपो जोगिंद्रनगर की बसों की मरम्मत के लिए कलपुर्जों का अभाव यात्रियों समेत तकनीकी कर्मचारियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। निगम की त्योहारी सीजन में अतिरिक्त बसों को दौड़ाने की योजना पर लचर प्रबंधन भारी पड़ रहा है। कलपुर्जाें के अभाव के कारण जुगाड़ के सहारे काम चलाया जा रहा है। नतीजतन बसें बीच सफर में हांफ रही हैं।
कार्यशाला में बसों के गियर से जुड़े हुए कलपुर्जे, टायर की ट्यूबें और बैटरियां का अभाव चल रहा है। इस कारण ब्रेक डाउन हो रही है और प्रबंधन कार्यशाला में बसें खड़ी करने को मजबूर है। जोगिंद्रनगर बस डिपो खटारा बसों के सहारे चल रहा। यहां की नई बसों को बैजनाथ डिपो के अधीन कर दिया गया है। इससे यहां व्यवस्था और भी बिगड़ गई है।
जोगिंद्रनगर बस डिपो के बेड़े में शामिल 50 से अधिक बसों में से 50 फीसदी के मरम्मत कार्य तकनीकी कर्मचारियों के लिए मुसीबत बना हुआ है। उधर, बस डिपो जोगिंद्रनगर के क्षेत्रीय प्रबंधक नितेश शर्मा ने बताया कि कार्यशाला में स्पेयर पार्ट की कमी का मामला परिवहन निगम के उच्चाधिकारियों के समक्ष रख दिया है। तय समय में परिवहन निगम की बसों का मरम्मत करना मुश्किल हो रहा है।
कार्यशाला में कीचड़ से लग्जरी बसों को नुकसान
बस डिपो जोगिंद्रनगर की अस्थायी कार्यशाला में कीचड़ भर जाने से हर रोज लग्जरी बसों को भी नुकसान पहुंच रहा है। वाशिंग प्वाइंट की सुविधा बस डिपो में अभी भी उपलब्ध नहीं हो पाई है। दलदल बन चुकी कार्यशाला में परिवहन निगम के अधीन चलने वाली लग्जरी बसों को हर रोज नुकसान उठाना पड़ रहा है। हैरत की बात है कि कार्यशाला शुरू होने के तीन साल के बाद भी डीजल पंप और टायरों की रीमॉल्डिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है।
बस डिपो जोगिंद्रनगर की कार्यशाला में जिन सुविधाओं और संसाधनों का अभाव है, उसकी आपूर्ति के लिए परिवहन निगम के माध्यम से बजट का प्रावधान किया जा रहा है। तकनीकी कर्मचारियों की नियुक्ति और मरम्मत कार्य के लिए कलपुर्जों की व्यवस्था जल्द करवाने के प्रयास जारी है।
-पंकज चड्ढा, मंडलीय प्रबंधक, एचआरटीसी मंडल, धर्मशाला