थुनाग (मंडी)। जंजैहली क्षेत्र में आपदा के बाद राहत और पुनर्वास कार्यों ने तेजी पकड़ ली है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 27 सदस्यीय टीमें दिन-रात राहत कार्यों में जुटी हैं। स्थानीय लोग भी सहायता में सक्रिय हैं। एसडीएम जंजैहली रमेश कुमार ने बताया कि आपदा पीड़ितों की हरसंभव मदद की जा रही है। तीन गर्भवती महिलाओं और एक मरीज को करसोग सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। करसोग से रायगढ़ होकर सड़क छोटे वाहनों के लिए बहाल कर दी गई है। गाड़ागुशैण तक राशन पहुंचाने के लिए सड़क खोल दी गई है, जबकि शैटाधार से लंबाथाच तक सड़क जोड़ने और जंजैहली से कुथाह की ओर सड़क बहाली का कार्य तेजी से चल रहा है।
वायु सेना के हेलिकॉप्टर ने खनुखली हेलीपैड पर चार बार राहत सामग्री पहुंचाई। इसे स्थानीय युवाओं ने पीठ पर लादकर प्रभावित लोगों तक पहुंचाया। मोबाइल सिग्नल बहाल हो गया है, लेकिन बिजली आपूर्ति अभी भी ठप है। स्थानीय लोगों ने सरकार से गांवों में फैले अंधेरे को दूर करने के लिए सौर लाइट प्रदान करने की मांग की है। प्रशासन और स्वयंसेवी संगठन मिलकर भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवा रहे हैं। सामुदायिक एकजुटता और प्रशासन के प्रयासों से स्थिति नियंत्रण में आ रही है। संवाद