राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय जोगिंद्रनगर में सोमवार को एसएफआई और एबीवीपी के छात्र नेताओं में स्वामी विवेकानंद का पोस्टर लगाने को लेकर हिंसक झड़प हुई। इसमें तीन छात्र नेता घायल हो गए। घायलों को सिविल अस्पताल जोगिंद्रनगर में प्राथमिक उपचार के लिए दाखिल करवाया गया है। घायलों में दो एसएफआई और एक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का कार्यकर्ता है।
जानकारी के अनुसार घायल छात्रों में एसएफआई के संजय कुमार और राकेश कुमार तथा एबीवीपी के दमनदीप को चोटें आई हैं। एसएफआई ने संगठन के प्रचार में स्वामी विवेकानंद का पोस्टर कालेज परिसर में लगाया था। इस पर एबीवीपी ने कड़ा ऐतराज जताया था। पोस्टर को लेकर दोनों छात्र गुटों में शुरू हुई तू-तू, मैं-मैं हिंसक झड़प में बदल गई। एसएफआई इकाई उपाध्यक्ष अक्षय कुमार ने कहा कि वह बैनर लगा रहे थे, तभी एबीवीपी के कार्यकर्ता उनसे उलझ गए।
वहीं, एबीवीपी के दमनदीप ने झगड़े के लिए एसएफआई को जिम्मेवार ठहराया है। प्राचार्य एनएस चंदेल ने कहा कि पोस्टर को लेकर जब छात्र आपस में उलझ रहे थे। तब उन्होंने छात्रों को शांत किया। लेकिन, जैसे ही वह कार्यालय गए तो पीछे से यह छात्र दोबारा उलझ गए।
इसकी सूचना उन्होंने पुलिस को दी। लेकिन, पुलिस कर्मी अन्य जगह ड्यूटी पर गए थे। इस कारण पुलिस समय पर यहां नहीं पहुंच पाई तथा छात्र हिंसक झड़प पर उतर आए। तीनों छात्रों को शरीर और सिर पर चोटेें आई हैं। जोगिंद्रनगर थाना प्रभारी संजीव कुमार ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
झड़प से सहमे अन्य छात्र: उमेश
राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय जोगिंद्रनगर में सोमवार को हुए एबीवीपी और एसएफआई के बीच हुए झगड़े को लेकर एनएसयूआई ने आपात बैठक का आयोजन किया। बैठक में दोनों छात्र संगठनों पर कालेज का माहौल खराब करने का आरोप लगाया गया। एनएसयूआई के कैंपस प्रेजीडेंट उमेश कुमार ने कहा कि जिस तरह दोनों छात्र संगठनों ने महाविद्यालय परिसर में अपनी हिंसक सोच का प्रदर्शन किया है। उससे कालेज के नए छात्र-छात्राओं में दहशत का माहौल बन गया है। इस अवसर पर सौरभ, धीरज, बेअंत, अभिषेक, उमेश, अमित, प्रियंका, नरेश तथा सुनील मौजूद थे।