जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर की मुख्य सड़कों पर हर रोज जाम से अब लोगों को न्यायालय, सरकारी कार्यालय में पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। पैदल चलने वालों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लगने से हादसे का डर सताने लगा है। पुलिस थाना चौक से होकर न्यायालय, लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह, लघु सचिवालय की ओर जाने वाली सड़क पर भी जाम लग रहा है।
आलम यह है कि इस सड़क से होकर न्यायालय में पहुंचने वाले लोग और सरकारी कर्मचारियों को भी समय पर पहुंचना मुश्किल हो चुका है। सामारिक दृष्टि से अहम मंडी-पठानकोट हाईवे में लगातार वाहनों का दबाव बढ़ रहा है। वहीं, जोगिंद्रनगर-सरकाघाट सड़क पर भी जाम की समस्या विकराल होती जा रही है। बस अड्डे से होकर गुजरने वाली सरकारी व निजी बसें ही नहीं बल्कि छोटे व्यवसायिक व घरेलू वाहन भी रेंग-रेंग कर गुजर रहे हैं।
वाहन चालक संजीव, अमित कुमार, कारोबारी विपन, रवि और सरकारी कार्यालय के कर्मचारी विनोद कुमार, मुकेश और न्यायालय के अधिवक्ता महेंद्र सिंह, रणजीत ने बताया कि शहरी क्षेत्र में हर प्रकार के वाहनों की आवाजाही बढ़ने से यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। पुलिस जवानों की तैनाती के बावजूद लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। इसके समाधान के लिए अब जोगिंद्रनगर में बाईपास का निर्माण ही विकल्प है।
फोरलेन का निर्माण कार्य प्रगति पर चल रहा है। इससे मंडी-पठानकोट हाईवे पर वाहनों के दबाव कम होगा। घट्टा से मंडी तक हाईवे के चौड़ीकरण की योजना का प्रारूप भी तैयार हो चुका है। हाईवे के अधीन आने वाले शहरों को बाईपास के जोड़ने की योजना पर भी एनएचएआई के प्रयास जारी हैं।
-साहिल जोशी, साइट इंजीनियर, एनएचएआई
लोक निर्माण विभाग के अधीन आने वाली शहरी क्षेत्र की सड़कों पर यातायात व्यवस्थित करने के लिए कुछ योजनाओं को धरातल में उतारने के प्रयास जारी हैं। लघु सचिवालय, न्यायालय की सड़क पर आइडल वाहनों की पार्किंग के कारण कई बार जाम की समस्या पेश आ रही है।
-जेपी नायक, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी, जोगिंद्रनगर