जोगिंद्रनगर शहर के साथ लगती ढेलू पंचायत में फैली गंदगी के ढेर। संवाद
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर शहरी क्षेत्र के साथ लगती निचला गरोडू और ढेलू पंचायतों में डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन योजना ही कचरा हो गई है। घर-घर से कचरा उठाने की व्यवस्था होने के बाद भी कचरे के दाग नहीं हट पाए हैं। दोनों ही पंचायतों में फैली गंदगी ने नगर परिषद जोगिंद्रनगर के स्वच्छता अभियान को भी बट्टा लगा दिया है।
शहरी क्षेत्र की तर्ज पर ग्रामीण क्षेत्रों को भी साफ सुथरा बनाने के लिए नगर परिषद जोगिंद्रनगर के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में भी कुछ साल पहले डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन योजना शुरू की गई थी। इस पहल को सिरे चढ़ाने में ग्रामीणों की उदासीनता ही नहीं पंचायत प्रतिनिधियों की भी लापरवाही सामने आ रही है। योजना का अधिमान देने से हालात यह हैं कि जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। जो मानसून की बरसात में लोगों के लिए मुश्किलों खड़ी कर सकते हैं।
जोगिंद्रनगर शहर के रेलवे स्टेशन के साथ लगते मकड़ैना गांव का रास्ता कचरे के ढेरों से लबालब भरा है। यहां से गुजरते वक्त लोगों को मुंह पर रूमाल रखना मजबूरी बन गया है। पंचायत के अधीन आने वाले नाले कचरे की डंपिग साइट बन गए हैं और यहां से उठ रही दुर्गंध से वातावरण दूषित हो रहा है। उधर, ढेलू पंचायत में भी कूड़े के ढेर राहगीरों का मुंह चिढ़ा रहे हैं। लोगों ने खड्डों को कचरे की डंपिंग स्थल बना दिया है।
ढेलू पंचायत के अजय, सुनील कुमार, सुरेंद्र और निचला गरोडू पंचायत के वाशिदें दीपक, लक्की, विकास, रविंद्र कुमार ने बताया कि खुले में गंदगी फैलाने वालों पर प्रशासन अगर सख्त कार्रवाई अमल में लाता है, तो गंदगी से निजात मिलेगी। उधर, निचला गरोडू पंचायत की प्रधान संतोष सोनी और ढेलू पंचायत की प्रधान सपना ने बताया कि पंचायत में खुले में गंदगी फैलाने वालों पर एनजीटी एक्ट के तहत कार्रवाई के प्रावधानों पर विचार भी ग्राम सभा में होगा। आदेशों की अवहेलना पर एनजीटी एक्ट के तहत कार्रवाई के साथ जुर्माना भी वसूला जाएगा।