मंडी। जिला मुख्यालय के इंदिरा मार्केट स्थित सिद्ध काली मंदिर में विश्व शांति और आपदा रोकने के लिए हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। इसमें नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और सांसद कंगना रणौत का अलग ही रूप नजर आया। 11 कुंडीय हवन-यज्ञ कार्यक्रम के दाैरान मंत्रोच्चारण करते हुए जयराम और कंगना समेत अन्य ने आहुतियां डालीं। इस पूरे आयोजन के दौरान कंगना रणौत उत्साहित नजर आईं। भक्ति भाव से लीन कंगना मंत्रोच्चारण भी करती नजर आईं।
दिन बुधवार, समय सुबह 10:00 बजे। माता सिद्ध काली मंदिर में पहुंचते ही कंगना रणौत ने मंदिर में शीश नवाया। सिक्योरिटी के बीच आई कंगना ने मंदिर परिसर में नेता प्रतिपक्ष जयराम के साथ हवन-यज्ञ में आसान ग्रहण किया। उन्होंने स्वयं ही धूप मांगा और भक्ति में लीन हो गईं। 11 कुंडीय यज्ञ में मंदिर परिसर में अलग-अलग कुंड स्थापित किए गए और इसमें अलग-अलग लोग हवन यज्ञ में शामिल हुए। साधारण कार्यक्रम में चुनिंदा लोग ही शामिल हुए लेकिन वैदिक तौर तरीकों से यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। बीच में श्री राम मोहन दास रामायणी ने गायत्री मंत्र के दौरान महिलाओं के आहुति न डालने का आह्वान किया। केवल पुरुषों को ही आहुति डालने का आग्रह किया। सुबह 11:24 बजे तक कार्यक्रम चलता रहा। अंत में सभी ने पूर्णाहुति डाली। आखिर में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर व सांसद कंगना रणौत ने अपना संबोधन किया और इस आयोजन पर प्रकाश डाला।
पिछले कुछ वर्षों से आपदा का क्रम जारी : जयराम
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि आपदा की घड़ी में यह हवन-यज्ञ किया गया है। आपदा के कारण हिमाचल प्रदेश संकट के दौर से गुजर रहा है। यह सभी के लिए चिंताजनक है। आपदा का क्रम पिछले कुछ वर्षों से लगातार बना है, न जाने क्या त्रुटि हो गई। देवभूमि हिमाचल में हम सभी इस पीड़ा से बाहर निकलें और इसी के साथ प्रदेश के निर्माण में सभी लगें, यही कामना है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दीर्घायु की कामना की।
पुण्य को बढ़ाना होगा, पाप से लड़ने का यही एकमात्र साधन : कंगना
आयोजन का जिक्र करते हुए सांसद कंगना रणौत ने कहा कि ऐसा लग रहा है हम उस काल में पहुंच गए हैं जिसका वर्णन शास्त्रों में होता है। सामूहिक यज्ञ रामायण व महाभारत में ही सुनने को मिलते हैं। अब भगवा सरकार के कार्यकाल में यह संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि न जाने किस वजह से प्रकृति का कहर विश्वभर में बरप रहा है। कपापी का मन नहीं बदल सकता है। ऐसे में पुण्य को बढ़ाना होगा। यही पाप से लड़ने का एकमात्र साधन है। उन्होंने प्रधानमंत्री व नेता प्रतिपक्ष की जमकर तारीफ की है।