सुंदरनगर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ जिला मंडी की आपात वर्चुअल बैठक रविवार को जिला अध्यक्ष राजेश सैनी की अध्यक्षता में हुई। इसमें प्रदेश अध्यक्ष केसर सिंह ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे। केसर सिंह ठाकुर ने सरकार के साथ हुई तीन दौर की वार्ता का ब्यौरा दिया और कहा कि इसमें प्रवक्ताओं को प्रारंभिक वेतन 20300 देने, दो वर्ष का राइडर हटाना और एसीपी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया है। सरकार इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर रही है।
प्रवक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए अगर संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा तो भी इससे पीछे नहीं हटेंगे। स्कूल प्रवक्ता संघ जिला मंडी ने मांग उठाई है कि प्रदेश सरकार का 1972 में कर्मचारियों से जो करार है कि पंजाब वेतन आयोग को यथावत रूप में लागू किया जाएगा, उसे सरकार पूरा करे। पंजाब में 2016 के बाद नियमित प्रवक्ताओं को नियुक्ति की तिथि से गुणांक 2.59 और 2.25 दिए जा रहे हैं। इनसे उनका शुरुआती वेतन 47 हजार रुपये बनता है। हिमाचल में यह शुरुआती वेतन 43 हजार दिया जा रहा है।
जिला अध्यक्ष राजेश सैनी ने कहा कि पंजाब के छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट में 2016 से रेगुलर हुए सभी प्रवक्ताओं को 4200 ग्रेड पे के साथ 2.59 गुणांक या 5400 ग्रेड पे के साथ 2.25 गुणांक 2016 से दिया जा रहा है। हाल ही में मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार अगर तीसरा विकल्प बेसिक वृद्धि का दिया जाता है तो 2010 के बाद नियुक्त सभी प्रवक्ताओं को कोई भी फायदा नहीं होगा और तीनों विकल्पों से उनका प्रारंभिक वेतन 43 हजार ही बन रहा है।
आरोप लगाया कि हिमाचल सरकार पंजाब के वेतन आयोग को तोड़ मरोड़ कर हिमाचल में लागू कर रही है। जिला महासचिव जयराम शर्मा और मुख्य प्रेस सचिव उमेश कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पंजाब पे कमीशन की रिपोर्ट को मनमाने ढंग से लागू करने का प्रयास किया है।
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