संवाद न्यूज एजेंसी
डैहर (मंडी)। श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नेरचौक में वर्षों से सेवाएं दे रहे आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाए जाने के मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग आउटसोर्स कर्मचारी यूनियन ने कड़ा रुख अपनाया है। यूनियन का आरोप है कि एक सितंबर 2026 से टेंडर बदलने के बाद नए ठेकेदार ने करीब 15 कर्मचारियों को काम से बाहर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे प्रभावित कर्मचारियों और बेरोजगार युवाओं में रोष है।
स्वास्थ्य विभाग आउटसोर्स कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष सोहन लाल तुलिया ने कहा कि प्रभावित कर्मचारियों में वे कर्मचारी भी शामिल हैं, जिन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि नए टेंडर के तहत करीब 100 कर्मचारियों में से 85 कर्मचारियों को ही दोबारा काम पर रखा गया है, जबकि पुराने और अनुभवी कर्मचारियों को बाहर किया जा रहा है।
सोहन लाल तुलिया ने आरोप लगाया कि कंपनी के कर्मचारियों की मनमानी के कारण बेरोजगार युवाओं का शोषण हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में अस्पताल के उच्च अधिकारी और श्रम विभाग भी प्रभावी हस्तक्षेप करने में असमर्थ नजर आ रहे हैं। यूनियन ने मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग के निदेशक और नेरचौक मेडिकल कॉलेज के सहायक निदेशक को लिखित शिकायत सौंपकर उचित हस्तक्षेप की मांग की है। सोहन लाल तुलिया ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और विभाग ने जल्द ही प्रभावित कर्मचारियों को वापस ड्यूटी पर नहीं लिया, तो प्रदेशभर के स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों को लामबंद किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर नेरचौक मेडिकल कॉलेज में एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन भी किया जाएगा।