मंडी। हिमाचल प्रदेश राज्य वन विकास निगम के छह ठेकेदारों को किए जाने वाले भुगतान में 40.78 लाख रुपये की गड़बड़ी का मामला सामने आया है। छह ठेकेदारों की कुल 40,78,033 रुपये की राशि उनके निर्धारित बैंक खातों में जमा नहीं हुई। भुगतान के लिए बैंक को भेजे गए खातों के विवरण और हस्ताक्षरित भुगतान निर्देशों में अंतर मिलने के बाद निगम की आधिकारिक ई-मेल आईडी के अनधिकृत इस्तेमाल की आशंका जताई गई है। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन मध्य खंड मंडी में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
वन कार्य मंडल मंडी के मंडल प्रबंधक चित्तरंजन सिंह ने शिकायत में बताया कि निगम की ओर से 22 एलएसएम ठेकेदारों को भुगतान करने के लिए एचडीएफसी बैंक के माध्यम से राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक निधि अंतरण (एनईएफटी) प्रक्रिया अपनाई गई थी। इनमें छह ठेकेदारों की रकम उनके निर्धारित बैंक खातों में जमा नहीं हुई। शिकायत में संबंधित बैंक से वास्तविक लाभार्थियों के खातों, लेन-देन की पहचान संख्या और रकम हस्तांतरित होने के पूरे विवरण की जानकारी लेकर जांच करने का आग्रह किया गया है।
शिकायत के अनुसार, आठ अक्तूबर को निगम की आधिकारिक ई-मेल आईडी से भुगतान संबंधी एक्सेल शीट बैंक को भेजी गई थी। नौ अक्तूबर को बैंक ने लाभार्थियों के खातों के विवरण में विसंगति की सूचना दी। इसके बाद संशोधित एक्सेल शीट भी भेजी गई। आधिकारिक ई-मेल आईडी से भेजे गए संदेशों की संख्या और कार्यालय के सेंट मेल रिकॉर्ड में अंतर पाया गया। इसी आधार पर ई-मेल आईडी के संभावित अनधिकृत इस्तेमाल या हैक होने की आशंका जताई गई है।
एसपी साइबर अमित यादव ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66डी के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले में नियमानुसार जांच पड़ताल की जा रही है।
ऐसे बरतें सावधानी
साइबर पुलिस ने सरकारी विभागों, निगमों, व्यावसायिक संस्थानों और आम लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन भुगतान से पहले लाभार्थी के बैंक खाते और आईएफएससी कोड का मिलान करें। ई-मेल से प्राप्त भुगतान निर्देशों में बदलाव होने पर संबंधित व्यक्ति या अधिकारी से दूसरे माध्यम से पुष्टि करें। संदिग्ध ई-मेल, अनधिकृत लॉगिन या भुगतान विवरण में गड़बड़ी मिलने पर तुरंत बैंक और साइबर क्राइम पुलिस को सूचित करें। आधिकारिक ई-मेल खातों की सुरक्षा के लिए मजबूत पासवर्ड और बहु-स्तरीय प्रमाणीकरण का इस्तेमाल करें।