मंडी। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने स्वास्थ्य, पंचायती राज, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश दिए कि 0-5 वर्ष आयु वर्ग का कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित नहीं रहना चाहिए। वह बुधवार को सघन डायरिया नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान की बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे।
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया कि यह अभियान जिला मंडी में एक जुलाई से 31 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान 63,975 परिवार कवर किए जाएंगे। आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर 0 से पांच वर्ष के बच्चों को ओआरएस और जिंक की गोली के पैकेट वितरित करेंगी। साथ ही लोगों को डायरिया और सफाई पर भी जागरूक करेगी।
उपायुक्त ने जलशक्ति विभाग को निर्देश दिए कि वह डायरिया की रोकथाम के लिए समय-समय पर पानी की क्लोरीनेशन करते रहें। पारंपरिक जल स्रोतों का भी समय-समय पर निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
स्कूलों में जाकर बच्चों की काउंसलिंग करेंगी आशा कार्यकर्ता
उपायुक्त ने टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि जिला में शत प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए खंड चिकित्सा अधिकारी अपने क्षेत्राधिकार में आने वाले स्कूलों के प्रधानाचार्य के साथ समन्वय स्थापित करें, ताकि स्कूलों में बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कर उनका टीकाकरण किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि आशा कार्यकर्ता टीकाकरण के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए स्कूलों में जाकर प्रातः कालीन सभा में बच्चों के साथ काउंसलिंग करें। इसके अलावा अध्यापक-अभिभावक बैठक में अभिभावकों को जागरूक करें।
स्वास्थ्य के प्रति बच्चों को करें जागरूक
आयुष्मान भारत-स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए डीसी अपूर्व देवगन ने कहा कि स्कूलों में सप्ताह में आयोजित होने वाले हेल्थ सेशन के दौरान बच्चों को स्वस्थ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाए। इस दौरान बच्चों को विभिन्न टीकाकरण के बारे में भी जागरूक करें तथा जिन बच्चों का टीकाकरण हो चुका है, उन्हें दूसरे बच्चों को भी प्रेरित के लिए प्रोत्साहित करें। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अनुराधा ठाकुर ने विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी प्रदान की।