मंडी जिला की रिवालसर झील में हजारों की संख्या में मछलियों के मरने की दुर्घटना पर राज्य सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं। प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक एक्वाफायर पर संभावित प्रतिकूल प्रभाव पड़ने के मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है।
समिति के अध्यक्ष मंडी के डीएफओ होंगे तथा एचपीएसपीसीबी बिलासपुर के पर्यावरण अभियंता, सहायक मत्स्य निदेशक मंडी इस समिति के सदस्य होंगे। वहीं, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण राज्य परिषद के मुख्य वैज्ञानिक अधिकारी वर्ग 1 कमराजा कैस्थ इसके सदस्य सचिव होंगे। एसीएस तरुण कपूर ने कहा कि समिति मछलियों के मरने के कारणों की समीक्षा करेगी। साथ ही सात दिन के अंदर सुधार सुझावों सहित अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
रिवासलर झील में पिछले चार दिनों से लगातार मछलियों की मौत से हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग ने भी रिवालसर झील से पानी का सैंपल भरा है। जिसकी जांच स्वास्थ्य विभाग पब्लिक हेल्थ लैब में करेगा। रिपोर्ट आने के कारण ही पानी की वास्तविक स्थिति का खुलासा होगा। वहीं, दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि कोई भी रिवालसर झील के पानी का किसी प्रकार में प्रयोग न करें। साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने रिवासलर स्वास्थ्य केंद्र में विशेष रूप में दो टीमें तैनात कर दी हैं ताकि मरी मछलियों से आम लोगों को किसी भी प्रकार की बीमारी न फैल सके।
उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देशराज शर्मा ने कहा कि रिवालसर झील से पानी का सैंपल लिया है। शनिवार को सैंपल की रिपोर्ट आएगी। उसके बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।