जोगिंद्रनगर में मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन करते श्रद्धालु।
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जोगिंद्रनगर (मंडी)। शहर में मां दुर्गा सहित अन्य प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ ही शरद नवरात्रों का समापन हो गया। रामनवमी के दिन उपमंडल के मंदिरों और घर-घर हवन यज्ञ हुए। वीरवार को दुर्गा पूजा महोत्सव के आखिरी दिन मां के भक्तों ने नाचते और झूमते हुए मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन बडोण घाट में किया।
इससे पहले शहर की साईं मार्केट में सुबह मां महिषासुर मर्दिनी के पंडाल में मां की पूजा-अर्चना और आरती उतारी गई। तदोपरांत जय मां दुर्गा के जयकारों के साथ समिति सदस्यों ने पंडाल से मां दुर्गा और अन्य मूर्तियों को फूलों से सजाई गाड़ी में विराजमान किया। गुरुद्वारा, साईं मार्केट, मेन बाजार, लक्ष्मी बाजार, रेलवे चौक से होते हुए परिक्रमा की गई।
मां दुर्गा की मूर्ति पर शहर में कई जगह भक्तजनों ने पुष्पवर्षा की। बडोण पुल के आसपास पहले से ही भक्तगण माता के विसर्जन के लिए पलकें बिठाए थे। मां दुर्गा भगवती की बडोण में महाआरती, महायज्ञ और नदी पूजन करने के बाद मां दुर्गा की प्रतिमा को नम आंखों से विसर्जित कर दिया। मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुलिस और फायर ब्रिगेड के जवान भी तैनात रहे। होली चाइल्ड कॉन्वेंट स्कूल में रामनवमी पर हवन यज्ञ कर क्षेत्र की सुख समृद्धि की कामना की।
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चलो बुलावा आया है...
अंतिम संध्या के भजन कीर्तन कार्यक्रम में प्रसिद्ध लोकगायक राकेश रावत और मनोहर ठाकुर ने मां भगवती का गुणगान किया। आरती में नगर परिषद अध्यक्ष ममता कपूर और सुभाष कपूर मौजूद रहे। गायक मनोहर ने ठंडड़े कुएं दा ठंडड़ा पानी भरी-भरी लैंदे लोग, म्हारे पराशरा देवा ऋषिया, मईया मंदरा च पै गई रात, मां देया शेरनुआ घड़ी भर नची लै तू, चलो बुलावा आया है और राकेश रावत ने माता दा मंदर बनाणा हो, ये चोला मईया तेरा चोला, कुथु भला रैंहदा धुड़ुआ, मेरा भोला है भंडारी करदा नंदी की सवारी से मां का गुणगान किया।