तहसील कार्यालय में हुई खुली बोली, पहले दो बार नहीं हो पाई थी नीलामी
बल्ह घाटी में सुकेती खड्ड के किनारे 15 जगह से जब्त की थी अवैध रेत-बजरी
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरचौक (मंडी)। बरसात से पहले खनन माफिया की ओर से सुकेती खड्ड के आसपास क्षेत्र से अवैध रूप से निकाली गई रेत-बजरी 90.30 लाख रुपये में नीलाम हुई है। नीलामी प्रक्रिया शनिवार को तहसील कार्यालय बल्ह में हुई। 63 हजार मीट्रिक टन अवैध रेत-बजरी के ढेर खनन विभाग के साथ स्थानीय प्रशासन ने मिलकर जब्त किए थे।
जुलाई 2024 में बरसात से पहले सुकेती खड्ड के किनारे खनन माफिया ने करीब 15 अलग-अलग जगहों पर रेत बजरी के ढेर लगाए थे। संयुक्त विभागीय टीम ने इस पर कार्रवाई करते हुए इस रेत बजरी को अपने कब्जे में लिया था। इसके बाद इनकी नियमानुसार नीलामी प्रक्रिया होनी थी, लेकिन बीच में दो बार यह नीलामी प्रक्रिया रुक गई। एक बार तहसीलदार बल्ह व्यस्तता के चलते नीलामी में नहीं भाग ले सके, जबकि दूसरी बार एक वकील के नोटिस ने यह प्रक्रिया रोक दी। ऐसे में लंबे समय से यह नीलामी प्रक्रिया रुकी हुई थी। शनिवार को हुई बोली के दौरान इस रेत-बजरी को 90,30,500 रुपये में बेचा गया।
तहसीलदार बल्ह विपिन शर्मा ने बताया कि शनिवार को तहसील कार्यालय में खुली बोली लगाई गई। जिसमें डडौर, कंसा चौक, सुकेती खड्ड जंक्शन, डडौर शमशान घाट, डडौर सब्जी मंडी, ढाबण श्मशान घाट व अन्य स्थानों पर कब्जे में ली गई अवैध रेत बजरी को नीलाम किया गया। यह प्रक्रिया नियमानुसार अमल पर लाई गई है। नीलामी की एवज में मिली धनराशि को सरकारी कोष में जमा किया गया है।