मंडी। नगर निगम क्षेत्र में करीब 150 पथ विक्रेताओं की आने वाले दिनों में मुश्किलें बढ़ जाएंगी। नगर निगम ने करीब 22 लाख रुपये की लंबित तहबाजारी को वसूल करने के लिए अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। देनदारों को दिए गए एक माह के नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद अब आगामी 15 दिनों का नगर निगम की ओर से पथ विक्रेताओं को अल्टीमेटम जारी किया गया है। इस अवधि में भी अगर पथ विक्रेताओं ने लंबित तहबाजारी की अदायगी नहीं की तो उनके लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे।
नगर निगम क्षेत्र में 270 पथ विक्रेताओं का पंजीकरण कर उनको बाकायदा लाइसेंस जारी किए हैं। लंबे अरसे से ये पथ विक्रेता कारोबार कर अपनी आजीविका कमा रहे हैं। पिछले कुछ समय से इनमें से पचास प्रतिशत पथ विक्रेता नगर निगम को तहबाजारी शुल्क की अदायगी नहीं कर रहे हैं।
साल दर साल यह तहबाजारी शुल्क लगातार बढ़ने से वर्तमान में यह आंकड़ा करीब 22 लाख तक पहुंच गया है। नगर निगम की ओर से तहबाजारी शुल्क अदा न करने वालों को चेतावनी के तौर पर नोटिस जारी किया था। अधिकतर पथ विक्रेताओं ने इसे गंभीरता से न लेते हुए लंबित तहबाजारी शुल्क की अदायगी नहीं की है। सूत्रों से अनुसार 270 में से करीब 150 ऐसे पथ विक्रेता हैं जिनकी तहबाजारी शुल्क की अदायगी अभी लंबित है। नगर निगम अब इन पथ विक्रेताओं से सख्ती से निपटने की तैयारी कर रहा है।
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पथ विक्रेताओं से तहबाजारी की वसूली के लिए पिछले दिनों नगर निगम की ओर से नोटिस जारी किए हैं। इन नोटिस की अवधि खत्म हो गई है। अब 15 दिनों का इन पथ विक्रेताओं को समय दिया गया है। नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
-रोहित राठौर, आयुक्त, नगर निगम मंडी
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