व्यक्ति ने जमीन की बिक्री से पहले 97,500 रुपये का लंबित गृहकर करवाया जमा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नगर निगम मंडी ने शहर में गृहकर व्यवस्था को पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। निगम अब गृहकर बिलों को ऑनलाइन जारी करने की तैयारी में है। एजिसेक कंपनी के माध्यम से शहर के पांच वार्ड पुरानी मंडी, समखेतर, सुहड़ा मोहल्ला, पड्डल और पैलेस-एक में सर्वे का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके आधार पर मई माह से सिटीजन पोर्टल के जरिए ऑनलाइन बिल जारी किए जाएंगे।
हालांकि सर्वे के दौरान कुछ चुनौतियां भी सामने आई हैं। इन पांच वार्डों में करीब 350 संपत्तियों का विवरण दर्ज नहीं हो सका। कारण यह रहा कि कई संपत्ति मालिक घर पर उपलब्ध नहीं थे, जबकि कुछ ने जानकारी देने से साफ इन्कार कर दिया। वहीं बैहना वार्ड में कुछ लोगों की ओर से सर्वे टीम के साथ उचित व्यवहार न करने और सहयोग न देने की शिकायत भी सामने आई है।
नगर निगम ने ऐसे सभी संपत्ति धारकों को एक सप्ताह का अंतिम अवसर दिया है। तय समय में सर्वे न करवाने पर भविष्य में संपत्ति की खरीद-फरोख्त, बिजली-पानी के कनेक्शन और अन्य कार्यों के लिए अनिवार्य एनओसी लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा बिल जारी न होने की स्थिति में बकाया कर बढ़ता रहेगा, जिस पर हर साल 12 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज भी वसूला जाएगा। शहर में लगभग 15 हजार संपत्तियों का सर्वे किया जाना प्रस्तावित है। वर्ष 2016 के पुराने सर्वे के आधार पर निगम अब तक करीब 8500 संपत्तियों पर ही बिल जारी कर रहा था, जिससे सालाना मांग लगभग 2.60 करोड़ रुपये थी।
नए सर्वे और शामिल क्षेत्रों के बाद यह मांग बढ़कर करीब पांच करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। पिछले वित्त वर्ष में निगम ने लगभग 3.30 करोड़ रुपये टैक्स के रूप में एकत्र किए, जिसमें 70 लाख रुपये पुराने बकाया से प्राप्त हुए। निगम की सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में एक व्यक्ति को जमीन की बिक्री से पहले 97,500 रुपये का लंबित गृहकर एकमुश्त जमा करना पड़ा।
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सर्वे से छूटे लोग तुरंत अपनी जानकारी साझा करें, अन्यथा भविष्य में विभागीय प्रक्रियाओं में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वर्ष 1997 से लंबित कर वाले अज्ञात मालिकों की संपत्तियों पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -रोहित राठौर, आयुक्त, नगर निगम मंडी