चौहारघाटी स्थित बरोट के शानन रेजर वायर परिसर में पहुंचे पर्यटक। स्रोत जागरूक पाठक
जोगिंद्रनगर (मंडी)। मैदानी इलाकों में गर्मी से राहत पाने के लिए बरोट वैली में वीकेंड पर पर्यटकों की भीड़ उमड़ पड़ी है। एडवांस बुकिंग पर चल रहे होटलों और होम स्टे में रात्रि ठहराव के लिए कमरे न मिलने पर अब अब ऊहल नदी किनारे टेंट में पर्यटकों को रात गुजारनी पड़ रही है।
शनिवार को वीकेंड पर पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान सहित अन्य राज्यों से करीब 700 से अधिक पर्यटक वाहनों के साथ पहुंचे हैं। यहां के पर्यटन को पंख लगे हैं, लेकिन पर्यटकों को मौज मस्ती के बाद रात्रि ठहराव के लिए पर्यटकों को दर-दर भटकना पड़ रहा है।
होम स्टे कारोबारी मुनीष, दिनेश, रमेश आदि का कहना है कि पर्यटकों की अधिक आवाजाही से उनके कारोबार ने रफ्तार पकड़ी है। रेस्तरां के कारोबारी हरीदेव, विनोद, सुनील ने बताया कि सुविधाओं के हिसाब से टेंट सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। इसके प्रतिदिन 1500 से तीन हजार रुपये तक भी शुल्क वसूले जा रहे हैं।
मानसून सीजन में बरोट वैली में पर्यटकों का ऊहल नदी में साहसिक गतिविधियां का भी क्रेज बढ़ा है। रिवर क्रॉसिंग के लिए पर्यटकों का खूब उत्साह देखने को मिल रहा है। द्रंग हल्के की चौहारघाटी में हरी भरी वादियों के बीच बसा राजगुंधा गांव पर्यटकों की पहली पंसद बना है।