द्रंग (मंडी)। बरसात में खतरे से निपटने और सुरक्षा के लिहाज से कोटरोपी स्थल पर होमगार्ड के कर्मचारी तैनात किए गए हैं। कोटरोपी के दोनों छोर पर अस्थायी चौकी बनाई गई है। एनएच बंद होने की दशा में उसे बहाल करने के लिए जेसीबी मशीन भी तैनात की है।
होमगार्ड कर्मचारियों को खाने पीने और ठहरने की व्यवस्था प्राइमरी स्कूल कोटरोपी में की गई है। दिन-रात ड्यूटी के लिए होमगार्ड के दस कर्मचारी तैनात किए गए हैं। घटनास्थल पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था भी की गई है। एसडीएम पधर संजीत सिंह ने कहा कि कोटरोपी के दोनों छोर पर अस्थायी चौकियां बनाकर दस होमगार्ड के कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
घटनास्थल पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने किसी भी आपदा की जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 01908260666 पर सूचना देने का आह्वान किया है।
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2017 में गई थीं 48 जानें
कोटरोपी में 12 अगस्त 2017 को पहाड़ी दरकने से आए मलबे में एचआरटीसी की दो बसें दब गई थीं। इसमें 48 लोग काल का ग्रास बने थे। इसके बाद दो साल तक यहां मार्ग बरसात में बंद होता रहा। दरकती पहाड़ी के खतरे से निपटने के लिए आईआईटी कमांद के वैज्ञानिकों में यहां पहाड़ी के साथ एनएच के दोनों छोर पर सेटेलाइट ब्लिंकर लगाए हैं जो पहाड़ी में हलचल होते ही सायरन बजाना शुरू कर देते हैं।