धर्मपुर (मंडी)। हिमाचल के विभिन्न क्षेत्रों में सरकारी भूमि से कथित कब्जे हटाने के लिए सरकार की कार्रवाई जारी है। इस अभियान के तहत मकानों, गोशालाओं को गिराने और फलदार पौधों को काटा जा रही है। उच्च न्यायालय के फैसले के बाद चल रही इस कार्रवाई का हिमाचल किसान सभा और सेब उत्पादक संघ विरोध कर रहे हैं।
धर्मपुर, संधोल, टिहरा और मंडप उप-तहसीलों के लोगों को राजस्व और वन विभाग द्वारा भूमि खाली करने के नोटिस जारी किए गए हैं। इसे लेकर हिमाचल किसान सभा 25 फरवरी को धर्मपुर खेल मैदान में बैठक करेगी। इसमें मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मांगों से अवगत करवाया जाएगा। सभा के खंड अध्यक्ष रणताज राणा, महासचिव बाला राम और पूर्व जिला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार ने कई बार भूमिहीनों को जमीन देने के आश्वासन दिए, लेकिन आज तक जमीन नहीं दी गई।
उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने किसानों-बागवानों के विरोध के कारण उच्च न्यायालय में नया हलफनामा दायर करने का निर्णय लिया है, लेकिन तब तक क्या सरकार बेदखली अभियान रोकेगी या नहीं यह स्पष्ट नहीं है। हिमाचल किसान सभा ने राज्य सरकार से इसे रोकने की मांग की है। इसके लिए 23 फरवरी को शिमला में बैठक होगी।
इसमें बेदखली को रोकने के खिलाफ प्रदेशव्यापी अभियान छेड़ने और सरकार से आगामी विधानसभा सत्र में विशेष रूप से अध्यादेश लाने की मांग की जाएगी।