कहा- सरकार ने जांच तेज की, अपात्र लाभार्थियों को हटाने की प्रक्रिया जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (नवाचार, डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस) गोकुल बुटेल ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश सरकार हिम केयर योजना को बंद नहीं कर रही है, बल्कि इसमें सामने आई अनियमितताओं की गहन जांच करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सुंदरनगर दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में बुटेल ने कहा कि हिम केयर योजना प्रदेश की एक महत्वपूर्ण और जनहितकारी योजना है, लेकिन इसमें कुछ गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिन्हें ठीक करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है, न कि उन्हें बंद करना। उन्होंने बताया कि सहारा योजना में भी जांच के दौरान कई चौंकाने वाले मामले सामने आए थे, जहां मृत व्यक्तियों के नाम पर पेंशन ली जा रही थी। सरकार द्वारा अपात्र लाभार्थियों को हटाने के बाद लगभग 6 करोड़ रुपये मासिक और 72 करोड़ रुपये वार्षिक की बचत हुई है।
बुटेल ने कहा कि प्रदेश सरकार सामाजिक सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है, लेकिन यह भी जरूरी है कि योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक पात्रों को ही मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में हिम केयर और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत पात्रता की सही जांच नहीं की गई, जिसके कारण कई जरूरतमंद लोग इन योजनाओं से वंचित रह गए। इस अवसर पर पूर्व सीपीएस सोहन लाल भी मौजूद रहे।