पंडोह (मंडी)। चंडीगढ़-मनाली फोरलेन के तहत मंडी जिला में नागचला से लेकर पंडोह तक निर्माण कार्य कर रही कंपनी जागर पंचायत में हाईवे की सुध नहीं ले रही है। यहां पर सड़क किनारे की सभी नालियां बंद पड़ी हुई हैं और जब भी हल्की सी बरसात होती है, तो पूरा पानी और मलबा सड़क से होता हुआ लोगों के घरों, दुकानों और खेतों में घुस जाता है।
आलम यह है कि निकासी नालियों में इतनी ज्यादा मिट्टी भर चुकी है कि यहां यह भी तय करना मुश्किल है कि यहां नालियां हैं भी या नहीं। बास्ता गांव में हाईवे पर बनाए गए कल्वर्ट को बंद हुए अरसा बीत गया है, लेकिन कंपनी प्रबंधन ने इसकी तरफ भी कोई ध्यान नहीं दिया। कल्वर्ट के बंद होने से पूरा पानी सड़क पर आकर बहता है और लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
ग्राम पंचायत जागर के प्रधान भूषण कुमार ने बताया कि फोरलेन निर्माण में जुटी केएमसी कंपनी को कई बार लिखित में सूचित किया गया लेकिन प्रबंधन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग पाई है। अब तो आलम यह हो गया है कि कंपनी के अधिकारियों ने लोगों की समस्या से संबंधित फोन भी सुनना बंद कर दिए हैं। यहां तक कि चुने हुए जनप्रतिनिधियों की बात को भी अधिकारी नहीं सुन रहे हैं। लोगों में राजेश, रोशन लाल, हेमराज आदि ने जिला प्रशासन और एनएचएआई से भी कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।
वहीं, केएमसी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर राज शेखर ने बताया कि मामला उनके ध्यान में है। जल्द ही इस पर कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।