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Mandi News: सुकेती खड्ड में अवैध खनन पर हाईकोर्ट सख्त, सचिव ने खुद संभाली कमान

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बल्ह घाटी में खनन का निरीक्षण करती टीम। स्त्रोत : जागरूक पाठक
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मौके पर पहुंचे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, रिपोर्ट तलब, ग्रामीणों ने खोली पोल
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संवाद न्यूज एजेंसी
नेरचौक (मंडी)। बल्ह घाटी की जीवनदायिनी सुकेती खड्ड में हो रहे अंधाधुंध अवैध खनन को लेकर प्रदेश उच्च न्यायालय ने कड़ा संज्ञान लिया है। मुख्य न्यायाधीश एवं न्यायमूर्ति की खंडपीठ द्वारा पारित आदेशों के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मंडी के सचिव ने स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।


निरीक्षण के दौरान जिला खनन अधिकारी, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता विनय कुमार तथा पुलिस थाना बल्ह के प्रभारी राजेंद्र ठाकुर सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा। टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का गहन निरीक्षण करते हुए स्थानीय भौगोलिक स्थिति तथा पर्यावरण को हो रहे नुकसान से संबंधित साक्ष्य एकत्र किए।
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प्रार्थी किशन बुशहरी सहित बड़ी संख्या में उपस्थित स्थानीय ग्रामीणों ने निरीक्षण दल के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सुकेती खड्ड में लंबे समय से जेसीबी और पोकलेन जैसी भारी मशीनों के माध्यम से खुलेआम अवैध खनन किया जा रहा है। इससे खड्ड का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हुआ है, जल स्रोत सूखने की स्थिति में पहुंच गए हैं तथा किनारों के धंसने का खतरा बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि जब भी कोई आधिकारिक निरीक्षण किया जाता है, उसकी जानकारी पहले ही खनन माफिया तक पहुंच जाती है, जिसके चलते वे मशीनें हटाकर मौके से भाग जाते हैं। ग्रामीणों ने मांग की कि भविष्य में बिना पूर्व सूचना के आकस्मिक (सरप्राइज) निरीक्षण किए जाएं, ताकि अवैध खनन की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
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हाईकोर्ट को सौंपी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार मौके का निरीक्षण किया गया है। संबंधित विभागों से आवश्यक तकनीकी जानकारी एवं आंकड़े भी एकत्र किए जा रहे हैं। सभी तथ्यों और स्थानीय लोगों की शिकायतों को संकलित कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे शीघ्र ही प्रदेश उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। -सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मंडी।
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