जोगिंद्रनगर में बढ़े जलजनित रोगों के मामले
जलशक्ति विभाग ने शुरू की सैंपलिंग
वायरल फीवर ने भी बढ़ाई चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडल में डायरिया के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। अस्पताल में भर्ती मरीजों की हिस्ट्री खंगालने पर पता चला कि कई लोग नियमित रूप से बावड़ियों और हैंडपंप का पानी पीते रहे हैं। इसके बाद स्वास्थ्य और जलशक्ति विभाग हरकत में आ गए हैं। जल स्रोतों और हैंडपंपों के पानी के सैंपल लिए जा रहे हैं। वहीं, पेयजल टैंकों में सुपर क्लोरीनेशन भी बढ़ा दिया गया है।
शनिवार को भी स्थानीय अस्पताल में जलजनित रोगों के नए मरीज पहुंचे। उपचार के दौरान मरीजों और उनके परिजनों ने बताया कि वे बावड़ियों और हैंडपंप का पानी इस्तेमाल करते रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए जलशक्ति विभाग ने संबंधित पंचायतों से संपर्क किया और पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए सैंपलिंग शुरू कर दी। विभाग ग्रामीण क्षेत्रों के पेयजल स्रोतों पर विशेष निगरानी रख रहा है। उधर, डायरिया के साथ वायरल फीवर के मरीज भी तेजी से बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग अब टाइफाइड की आशंका वाले मरीजों की हिस्ट्री भी खंगाल रहा है। जबकि, डेंगू की जांच के लिए संदिग्ध मरीजों के रक्त नमूने लिए जा रहे हैं।
अस्पताल के शिशु वार्ड में शनिवार को भी कई बच्चे तेज बुखार के कारण भर्ती रहे। खलेही का 11 वर्षीय अरनव पिछले पांच दिन से उपचाराधीन है। द्रुब्बल की चार वर्षीय पलक और बालकरूपी का 14 वर्षीय अंकित भी वायरल फीवर से जूझ रहे हैं। वहीं, जलशक्ति विभाग के सहायक अभियंता प्रदीप राठौर ने बताया कि सभी जल भंडारण टैंकों की सफाई के साथ सुपर क्लोरीनेशन बढ़ा दिया गया है। प्राकृतिक जल स्रोतों और हैंडपंपों के पानी की लगातार जांच कराई जा रही है। अस्पताल के एसएमओ डॉ. विकास नाथ ने बताया कि जलजनित रोगों के प्रत्येक मरीज की हिस्ट्री की जांच की जा रही है।
नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर के शिशु रोगी वार्ड में तेज बुखार से ग्रस्त उपचाराधीन मरीज। संवाद- फोटो : 1