जिला के सबसे बड़े जोनल अस्पताल मंडी में कर्मचारियों ने एक मरीज को एक्सपायर डेट की दवाइयां थमा दी। अस्पताल प्रबंधन की लचर कार्यप्रणाली के चलते एक रोगी की जान खतरे में पड़ गई। हालांकि रोगी की सूझबूझ के चलते एक्सपायर दवाइयां बांटने का मामला उजागर हुआ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सुंदरनगर क्षेत्र से संबंध रखने वाले भीम सिंह एक बीमारी से पीड़ित हैं और पिछले 13 वर्षों से दवाइयों का सेवन कर रहे हैं। सुंदरनगर सिविल अस्पताल में उन्होंने 13 जनवरी को डॉक्टर के पास स्वास्थ्य जांच करवाई और डॉक्टरी सलाह के अनुसार लिखी गई दवाइयां को सरकारी स्टॉक में लेने के लिए पहुंचा।
जहां बीमारी की दवाइयां शॉर्ट एक्सपायर होने के कारण उन्हें जोनल अस्पताल मंडी से दवाइयां लेने की सलाह दी गई है। जिस पर वह जोनल अस्पताल पहुंचे। जोनल अस्पताल में पर्ची का पंजीकरण करवाने के बाद कर्मचारियों ने उन्हें दवाइयां दे दीं। घर पहुंचने पर जब भीम सिंह दवाइयों का सेवन करने लगे तो उन्होंने देखा कि दवाइयां एक्सपायर हो चुकी हैं। दवाइयों नवंबर 2015 में ही एक्सपायर हो चुकी हैं।
दवाइयों में दिसंबर 2013 की पैकिंग और नवंबर 2015 एक्सपायर तिथि अंकित है। वहीं सुंदरनगर में मिलने वाली दवाइयां जल्द ही एक्सपायर होने वाली थी। चूंकि भीम सिंह ने करीब एक माह तक दवाइयों का सेवन करना था। इस कारण ही उन्हें जोनल अस्पताल से दवाइयों लेने के लिए भेजा गया था। लेकिन यहां उन्हें एक्सपायर दवाइयां थमा दी गई। इधर, जोनल अस्पताल मंडी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ विनोद शर्मा ने बताया कि मामला ध्यान में नहीं है। मामले में छानबीन की जाएगी।