कोटली में आयोजित रामलीला उत्सव की सातवीं संध्या में दिखाया लंका दहन का दृश्य
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटली मंडी। कोटली के सामुदायिक भवन में रामलीला कमेटी कोटली की ओर से आयोजित रामलीला उत्सव की सातवीं संध्या पर लंका दहन का दृश्य दिखाया गया। पुत्र अक्षय कुमार की मृत्यु का समाचार पाकर रावण ने अपने दूसरे पुत्र मेघनाथ को हनुमान जी को पकड़ने के लिए भेजा। दोनों के बीच भयंकर संग्राम के बाद आखिरकार मेघनाथ ब्रह्मास्त्र का प्रयोग करहनुमान को कैद कर रावण दरबार में पहुंचा देता है।
पुत्र अक्षय कुमार की मृत्यु से क्रोधित रावण जैसे ही हनुमान पर वार करने लगता है तो विभीषण दूत को न मारने का वास्ता देकर उन्हें रोक लेते हैं। आखिर में रावण अपने सेवकों को हनुमान की पूंछ में आग लगाने का आदेश देता है, इससे हनुमान लंका में आग लगा देते हैं। अगले दृश्य में विभीषण रावण को चापलूसों की सलाह न मानकर सीता को लौटाकर भगवान राम से मैत्री करने का परामर्श देते हैं लेकिन रावण इस बात के लिए क्रोधित होकर विभीषण को लात मारकर लंका से निष्कासित कर देते हैं। वहां से निकलकर विभीषण भगवान राम की शरण में चले जाते हैं।
इस मौके पर सेवानिवृत्त अधीक्षक अभियंता रवि सिंह राणा तथा सेवानिवृत्त जिला न्यायवादी व वरिष्ठ अधिवक्ता नेत्र सिंह कटोच ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का आगाज किया। दोनों ने संयुक्त रूप से रामलीला कमेटी को अपनी ओर से 21000 रुपये की नकद राशि सहयोग के तौर पर भेंट की। इससे पूर्व आयोजन स्थल सामुदायिक भवन पहुंचने पर रामलीला कमेटी तथा स्थानीय लोगों की ओर से अतिथियों का स्वागत किया। कमेटी के प्रधान प्रशांत मोहन, महासचिव अश्विनी कुमार कोषाध्यक्ष कमल किशोर मनीष शर्मा ,खेम सिंह जिंदू, महिला मंडल कोटली की प्रधान अंजलि जौहरी तथा देव ज्वैलर्स के मालिक देव राज ने शाल टोपी एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर अतिथियों को सम्मानित किया। इस मौके पर रछेरा मंदिर निर्माण समिति के पूर्व प्रधान कर्म सिंह ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे।
रामलीला कमेटी के प्रधान प्रशांत मोहन ने बताया की उत्सव की सातवीं संध्या संस्था के संस्थापक सदस्य तथा कई वर्षों तक मेकअप मैन के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके प्रकाश चंद शर्मा को समर्पित की गई। इस अवसर पर उनकी पुत्रवधू शिवानी शर्मा को सम्मानित किया गया।