गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाशोत्सव पर मंडी के गुरुद्वारे में माथा टेकती संगत।
- फोटो : अमर उजाला
मंडी। छोटी काशी मंडी में सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह जी का 350वां प्रकाशोत्सव मनाया गया। मंडी के सेरी मंच के सामने गुरु जी के प्रकाशोत्सव पर अटूट लंगर लगाए गए। ऐतिहासिक गुरुद्वारा गुरु गोबिंद सिंह मंडी के प्रधान नारायण सिंह ने कहा कि सेरी मंच में गुरुद्वारा कार सेवा प्रबंधन समिति के मुख्य प्रबंधक संत बाबा लाभ सिंह किला आनंदगढ़ आनंदपुर साहिब पंजाब के आदेशानुसार गुरुद्वारा प्रबंधन समिति मंडी और राजवीर सिंह देवगन न्यूजीलैंड वाले के सहयोग से यह अटूट लंगर बरताया गया।
गुरु गोविंद सिंह ने धर्म की रक्षा करते हुए जहां अपने शहजादों को कुर्बानी की सूली पर चढ़ते हुए देखा तो वहीं देश, धर्म, गौ और गरीब की रक्षा के लिए काम किया। गुरु गोविंद सिंह जी से पूरा सिख समाज गौरव महसूस करता है और गुरु जी का मंडी से विशेष नाता रहा है। जहां राज परिवार ने गुरु जी को आश्रय दिया था तो वहीं गुरु जी ने घोर तप करके मंडी को अखंड रहने का वरदान दिया था। ऐतिहासिक गुरुद्वारा गोविंद सिंह जी को सजाया गया है तथा पूरे देश व विश्व में प्रकाशोत्सव के अवसर पर नगर कीर्तन भी किया जा रहा है। सेरी मंच में हजारों लोगों ने अटूट लंगर ग्रहण किया।
नेरचौक में व्यापार मंडल ने बांटे लड्डू
नेरचौक (मंडी)। गुरु गोविंद सिंह के 350वें गुरु पर्व पर नेरचौक की नामधारी संगत, नीलधारी संगत, गुरु सभा गुरुद्वारा कमेटी ने साझा नेरचौक बाजार में सभी को लड्डू बांटे। इस अवसर पर अमृतपाल, परजीत सेठी, गोबिंद मनचंदा, अमरीक सिंह, भवन सिंह, श्रीभाग, सतपाल सिंह, अभिलाष गुप्ता, राजेंद्र गुप्ता, दुनी चंद, गोविंद राम सहित अन्य व्यापारी शामिल रहे।