हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की द्रंग खदान से निकलने वाला चट्टानी गुम्मा नमक अब देश की थाली तक पहुंचने की तैयारी में है। वर्षों से चली आ रही नमक को खाद्य उपयोग के योग्य बनाने की योजना अब सिरे चढ़ने की स्थिति में है। करीब डेढ़ साल से बंद खदान में दोबारा उत्पादन शुरू करने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
हिंदुस्तान साल्ट्स लिमिटेड की नई खनन योजना को भारतीय खान ब्यूरो से मंजूरी मिल गई है। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अब जल्द ही उत्पादन शुरू होगा। इस परियोजना की सबसे अहम बात यह है कि खदान से निकलने वाले चट्टानी नमक को केवल खनन उत्पाद तक सीमित रखने के बजाय खाद्य उपयोग के योग्य बनाकर बाजार में उतारने की तैयारी है। इसके लिए नमक की गुणवत्ता जांच, प्रसंस्करण और विपणन की रणनीति पर काम किया जा रहा है। केंद्रीय नमक एवं समुद्री रसायन अनुसंधान संस्थान की ओर से नमक से संबंधित अध्ययन और परीक्षण किए जाने हैं।
गुणवत्ता जांच और आवश्यक मानकों को पूरा करने के बाद ही इसे खाद्य उत्पाद के रूप में बाजार में उतारा जा सकेगा। स्वीकृत खनन योजना के तहत पांच साल में करीब 7,700 टन चट्टानी नमक निकालने का लक्ष्य रखा गया है। शुरुआती चरण में खनन क्षेत्र को सुरक्षित तरीके से खोला जाएगा और फिर स्वीकृत तकनीकी डिजाइन के अनुसार उत्पादन होगा। साथ ही नमक के प्रसंस्करण और खाद्य उपयोग के लिए आवश्यक गुणवत्ता मानकों को पूरा करने की दिशा में काम किया जाएगा।
स्वाद से सेहत तक उपयोगी
आयुर्वेदिक चिकित्सालय मंडी के डॉ. हितेश के अनुसार गुम्मा यानी सेंधा नमक को रॉक सॉल्ट भी कहा जाता है। आयुर्वेदिक में भी इसका उपयोग प्रचलित है। सेंधा नमक का इस्तेमाल साबूदाना खिचड़ी, फलाहार, रायता, सलाद और चाट जैसे व्यंजनों में स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। इसके अलावा गुनगुने पानी में मिलाकर गरारे करने के लिए भी इसका उपयोग प्रचलित है। इससे गले की खराश में राहत मिल सकती है। इसके अलावा गैस, कब्ज या एसिडिटी दूर करने में भी यह नमक मददगार है। श्वसन रोगों में यह नमक लाभदायक है। मांसपेशियों की अकड़न में भी यह नमक फायदेमंद है।
रोजगार के खुलेंगे रास्ते
खदान में उत्पादन बहाल होने से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। खनन, ढुलाई और अन्य सहायक कार्यों के साथ भविष्य में प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन की व्यवस्था विकसित होने पर प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। यदि खाद्य नमक तैयार करने की योजना सफल रहती है तो गुम्मा के प्राकृतिक संसाधन को देश के खाद्य बाजार से जोड़ने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम होगा।
खनन योजना में बदलाव और तकनीकी डिजाइन में संशोधन के कारण उत्पादन बंद था। अब नई योजना को मंजूरी मिल गई है। कामकाज की व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जल्द औपचारिकताएं पूरी होने की उम्मीद है, जिसके बाद नियमानुसार काम शुरू किया जाएगा। - प्रेम रंजन सिंह, हिंदुस्तान साल्ट्स लिमिटेड के मैनेजर