हिमाचल प्रदेश आढ़ती एसोसिएशन के चेयरमैन दीनानाथ सैणी। संवाद
हिमाचल प्रदेश सेब उत्पादक संघ ने मंडी मध्यस्थता स्कीम के तहत निर्णय का किया विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
बालीचौकी (मंडी)। हिमाचल प्रदेश सेब उत्पादक संघ लोकल कमेटी बालीचौकी की बैठक अध्यक्ष ओमचंद की अध्यक्षता में हुई। बैठक में मंडी मध्यस्थता स्कीम के तहत एकत्रीकरण केंद्रों में सेब एकत्र करने को लेकर दिए गए दिशा निर्देशों की आलोचना की गई। उद्यान विभाग की ओर से जारी की गई अधिसूचना में कहा गया है कि 51 एमएम से कम आकर के सेब को एचपीएमसी और हिमफेड नहीं लेगा। साथ ही किसी भी तरह के दाग और गिरे हुए सेब को भी नहीं खरीदा जाएगा।
इस पर राज्य कमेटी सेब उत्पादक संघ महेंद्र राणा ने कहा कि सेब उत्पादक संघ यह मानता है कि सरकार का यह निर्णय बागवानी विरोधी है। लगातार महंगी होती सेब की खेती को यह निर्णय और संकट में डालेगा। इसलिए सेब उत्पादक संघ बालीचौकी लोकल कमेटी सरकार से यह मांग की है कि शीघ्र इस निर्णय को वापस लिया जाए। सेब उत्पादक संघ सेब मंडियो में भारी अस्थिरता को लेकर भी गहरी चिंता व्यक्त की है। सेब उत्पादक संघ मांग की है कि सेब पर आयात शुल्क 100 प्रतिशत किया जाए। इसके साथ सेब उत्पादक संघ लोकल कमेटी ने बालीचौकी में भी सेब एकत्रीकरण केंद्र और कोल्ड स्टोर बनाने की मांग की है। बैठक में यदुनंदन राय, खेम सिंह, लाल सिंह, रूपचंद, ओम प्रकाश, प्रिंस ठाकुर, मान सिंह ने भाग लिया।
हिमाचल प्रदेश आढ़ती एसोसिएशन के चेयरमैन दीनानाथ सैणी। संवाद