मंडी। हिमाचल प्रदेश पंचायती राज महासंघ ने मंत्री अनिरुद्ध सिंह से मांग की है कि पंचायती राज के प्रतिनिधियों की मांगों पर गौर किया जाए। महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र चंदेल ने कहा कि सरकार और विभाग की ओर से पंचायत प्रतिनिधियों के ऊपर इल्जाम थोपे जा रहे हैं, उन पर सरकार तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाए।
उन्होंने कहा कि खंड विकास अधिकारी को पंचायती राज निदेशक की ओर से पत्र जारी किया गया है, इसमें दर्शाया गया है कि पंचायतों में विकास कार्यों को करवाने के लिए सामग्री निविदा प्रक्रिया के माध्यम से पंचायतों की ओर से की जाती थी, वह अब विकास खंड की ओर से की जा रही है, जो बिल्कुल गलत है। कहा कि पंचायतों में विकास कार्यों की सामग्री विक्रेताओं से एम फार्म लिए जा रहे हैं, उन्हें भी बंद करवाया जाए।
एम फार्म की जगह रॉयल्टी जमा करवाने के आदेश विभाग को जारी करें क्योंकि रॉयल्टी लेने से सरकार का राजस्व बढ़ेगा। इसके साथ मनरेगा में चार महीने से लेबर और सामग्री की अदायगी नहीं हो रही है, उसे भी जल्द जारी किया जाए। कहा कि जनप्रतिनिधियों को सरकार और विभाग की ओर से जलील किया जा रहा है जोकि बिल्कुल गलत है। इसे लेकर जनप्रतिनिधियों में रोष है। इसे लेकर सरकार और विभाग के खिलाफ आंदोलन शुरू करना पड़ सकता है। कहा कि विकास कार्यों में बाधा आने में सरकार और विभाग जिम्मेदार रहेगा।
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