जोगिंद्रनगर (मंडी )। ग्राम पंचायत नेर घरवासड़ा के नेर कुडनी गांव के प्रभावितों ने सरकार और प्रशासन से मकान बनाने के लिए सुरक्षित स्थान पर जमीन उपलब्ध करवाने की मांग की है ।
कहा कि मकान बनाने के लिए पैसे भी उपलब्ध करवाए जाएं। कुछ एक लोगों ने तो चार-पांच वर्ष पहले ही पक्के मकान बनाए थे, जिनमें दरारें आ गई हैं। इससे वे असुरक्षित हो गए हैं। कुडनी गांव की वीना देवी ने बताया कि उन्होंने तीन साल पहले मजदूरी करके मकान बनाया था। अब खतरे की जद में आ गया है। उनके पति लाहौल में टैक्सी ड्राइवर हैं।
ऐसी हालत में वह कैसे अपना आशियाना बना पाएंगी। पहाड़ी का मलबा उनके घर के समीप पहुंच गया है। वह इन दिनों अपने रिश्तेदार के पास रह रही हैं। ब्रह्मी देवी का कहना है कि पति की तीन साल पहले बीमारी के कारण मौत हो चुकी है। उसके दो बच्चे हैं लेकिन वह भी उसके साथ नहीं रहते। इसके चलते उसे भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
सागर चंद का भी इस हादसे में पुश्तैनी मकान गिर गया है। जमीन भी धंस चुकी है। वह मकान बनाए तो कहां पर, यह चिंता बनी हुई है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उन्हें मकान बनाने के लिए सुरक्षित स्थान पर जमीन उपलब्ध करवाई जाए। छोटू राम ने बताया कि वे दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। उनका मकान जमीन धंसने से ढह चुका है। कुडनी गांव निवासी सुनील कुमार ने कहा कि कुछ समझ नहीं आ रहा है कि क्या किया जाए।
संतोष कुमार ने लगभग छह वर्ष पहले ही अपनी खून पसीने की कमाई से पक्का मकान बनाया था। अब खतरे की जद में आ चुका है। कुडनी की वार्ड की सदस्य किरण और नेर वार्ड की सदस्य सकीना ने कहा कि वे सभी पीड़ित परिवारों का पूरा ख्याल रखे हुए हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि जिन पीड़ित परिवारों के मकान और जमीन धंस चुकी है, उनकी उचित सहायता की जाए तथा उन्हें मकान बनाने के लिए सुरक्षित स्थान पर जमीन उपलब्ध करवाई जाए। संवाद
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