बारिश, बर्फबारी न होने से रुके थे गड्ढे बनाने और प्रूनिंग के कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
बालीचौकी (मंडी)। सराज घाटी में हुई बारिश और बर्फबारी किसानों-बागवानों के लिए वरदान साबित हुई है। मौसम खुलते ही किसान-बागवान अपने रुके पड़े कृषि और बागवानी कार्यों में जुट गए हैं। सराज विधानसभा क्षेत्र के पंजाई, थाची, जंंजैहली, थाटा, सुधराणी, बागाचनोगी, थुनाग, बगस्याड़ सहित अन्य स्थानाें में खेतीबाड़ी और बागवानी के कार्य शुरू हो गए हैं।
चार माह से बारिश न होने के चलते बागवान सेब और अन्य फलदार पौधों के रोपण के लिए गड्ढे, प्रूनिंग सहित अन्य कार्य नहीं कर पा रहे थे। बारिश पर आश्रित क्षेत्रों के किसान भी गेहूं, लहसुन, मटर की बिजाई नहीं कर पा रहे थे। बारिश होने और मौसम साफ होने के बाद सभी रुके पड़े कार्यों ने गति पकड़ ली है। पंजाई से संबंध रखने वाले रोशन ठाकुर, राम कुमार, प्रकाश चंद आदि ने कहा कि अधिकांश क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी पर्याप्त नहीं हुई है। अभी और बारिश की जरूरत है। हालांकि बागवानी और कृषि के कार्य करने के लिए लोग बारिश को पर्याप्त मान रहे हैं।
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करीब 100 दिनों से अधिक समय से बारिश नहीं हुई थी। अब बारिश होने से बागवानों और किसानों को राहत मिली है। कई जगह बारिश और बर्फबारी अच्छी हुई। कुछ स्थानों में अभी तक सेब के लिए पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। करीब 1500 चिलिंग आवर्स भी पूरे होने चाहिए। बागवान काट छांट के अलावा बगीचों में तौलिए, सफेदी और अन्य तरह के कार्य कर सकते हैं।
-नवीन ठाकुर, बागवानी प्रसार अधिकारी जंजैहली
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