जोगिंद्रनगर (मंडी)। जिले के जोगिंद्रनगर में बनी सरकारी और निजी बहुमंजिला इमारतों में फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी आग की बड़ी घटनाओं पर कभी भी भारी पड़ सकती है। समूचे उपमंडल में 40 से अधिक ऐसे सरकारी कार्यालयों में दमकल विभाग ने भी निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति से संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश नहीं दिए हैं। कुछ संस्थान दमकल विभाग की अनापत्ति के बिना भी कार्य कर रहे हैं। इन संस्थानों में फायर सेफ्टी नियमों को भी अनदेखा किया गया है। मिनी सचिवालय की बहुमंजिला इमारत की बात करें तो यहां पर बड़ी आग की घटना से निपटने के लिए हाईडेंट और जल भंडारण टैंकों की सुविधा उपलब्ध नहीं है। यहां आग पर काबू पाने के लिए केवल अग्निशमन यंत्र ही लगे हैं। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर की विभिन्न बहुमंजिला इमारतों में भी फायर सेफ्टी नियमों की उल्लंघना हो रही है। कई बार शार्ट सर्किट से हादसे होने पर भी फायर सेफ्टी संसाधनों में विस्तार नहीं किया है। इसके अलावा लडभड़ोल और चौंतड़ा के अलावा जोगिंद्रनगर शहरी क्षेत्र में चल रहे अनेकों सरकारी कार्यालयों में फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी हो रही है। ऐसे में अगर अचानक आग की बड़ी घटना होती है तो सरकारी कार्यालयों में मौजूद सरकारी रिकाॅर्ड भी पलभर में राख के ढेर में तबदील हो जाएगा। जोगिंद्रनगर शहरी क्षेत्र में आग पर तुरंत काबू पाने के लिए चिह्नित स्थानों में हाईडेंट का विस्तार नहीं हुआ है। ऐसे में संकीर्ण गलियों में अगर अचानक आग भड़कती है तो इस पर काबू पाने के लिए भी दमकल विभाग के हाथ खड़े हो जाते हैं।
ठंडे बस्ते में हाइडेंट लगाने की योजना
ईसीएच भवन, अस्पताल परिसर, बिलिंग काॅम्प्लेक्स और आयुर्वेद अस्पताल के समीप हाईडेंट लगाने की योजना अरसे से ठंडे बस्ते में पड़ी है। जोगिंद्रनगर उपमंडल में अग्निकांड की पांच सौ से अधिक घटनाओं में करोड़ों की संपत्ति राख हो चुकी है। करीब डेढ़ लाख आबादी के क्षेत्र में आग से निपटने के लिए दमकल विभाग के मात्र 14 जवान दो फायर टेंडरों के साथ सेवाएं दे रहे हैं। दमकल प्रभारी कर्म चंद ने बताया कि फायर सेफ्टी नियमों की उल्लंघना कभी भी बड़े अग्निकांड से निपटने के लिए भारी पड़ सकती है। जिन बहुमंजिला इमारतों में दमकल विभाग के नियमों को दरकिनार किया गया है, वहां दोबारा निरीक्षण कर संसाधनों के विस्तार करने के आदेश जारी किए जाएंगे। एसडीएम मुनीश चौधरी ने बताया कि वे जल्द ही विभिन्न विभागों के अधिकारियों से बैठककर फायर सेफ्टी नियमों की गहनता से पालना की हिदायत देंगे।