सरकाघाट (मंडी)। क्षेत्र की गाहर पंचायत के छोटा समाहल गांव में भयानक अग्निकांड में अपना परिवार खोने के बाद मनोज कुमार अचेत अवस्था में है। उसे विश्वास ही नहीं हो रहा कि उसकी पत्नी, बेटी और दूधमुहां बेटा अब उसे छोड़कर चले गए हैं। एक हाथ से ही अब तक अपने परिवार का पालन-पोषण करने का दम रखने वाला मनोज जिंदगीभर यह सदमा नहीं भूल पाएगा।
उसका एक हाथ काम नहीं करता और वह दिव्यांग है। ऐसे में वह सिम, मोबाइल का सामान डिस्ट्रीब्यूट करके अपने परिवार का गुजारा चला रहा था। ऐसे स्थिति में भी जिस परिवार के लिए वह कमा रहा था वह परिवार अब उसको जिंदगीभर के लिए अकेला छोड़कर चला गया है। मनोज की हालत देखकर परिजन ही नहीं आसपास के लोग भी सदमे में हैं। उधर, परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। मनोज के बुजुर्ग माता-पिता अपनी बहू और पोता-पोती को याद करके विलाप कर रहे हैं। चीखो पुकार से पूरा गांव गमगीन हो गया है। कोरोना के चलते लोग एक-दूसरे को गले लगाकर ढांढस भी नहीं बंधा पा रहे।
उधर, विधायक कर्नल इंद्र सिंह, समाजसेवी चंद्र मोहन शर्मा, कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता डॉ. जेके आजाद, पूर्व प्रत्याशी कांग्रेस पवन ठाकुर, जिला महिला कांग्रेस महामंत्री रिंकू चंदेल, भाजपा जिला सुंदरनगर अध्यक्ष अंजू शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष कृषि प्रसार अधिकारी संघ संजय गारला, पूर्व एनएसयूआई अध्यक्ष यदोपति ठाकुर, माकपा नेता भूपेंद्र सिंह, मनीश शर्मा, गाहर पंचायत प्रधान कुलदीप शर्मा, चौक ब्राड़ता की प्रधान शांता देवी, खुडला पंचायत की प्रधान राजकुमारी, वरिष्ठ बैंक प्रबंधक पंकज शर्मा, प्रकाश शर्मा, नंदलाल ठाकुर, विनय कुमार, तारा चंद, रूपलाल शर्मा आदि ने शोक जताया है।