छह घंटे बंद रहा बिजली उत्पादन, करीब 40 लाख रुपये का नुकसान
तकनीकी कर्मचारी आग पर जल्द काबू नहीं पाते तो राख हो जाता सब स्टेशन
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। बस्सी स्थित 66 मेगावाट पन विद्युत परियोजना के पोटेंशनल ट्रांसफार्मर में मंगलवार सुबह 6:00 बजे अचानक हुए ब्लास्ट से स्विच यार्ड में आग भड़क गई। इससे परियोजना प्रबंधन को करीब 40 लाख रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि छह घंटे विद्युत उत्पादन ठप रहा। इस हादसे में तकनीकी कर्मचारी अगर जल्द आग पर काबू न पाते तो 132 केवी के सब स्टेशन की करोड़ों रुपये की संपत्ति राख हो जाती। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पोटेंशनल ट्रांसफार्मर की बाइडिंग कमजोर होने और खराब मौसम के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट से यह हादसा हुआ है।
जानकारी के अनुसार स्विच यार्ड के एक पोटेंशनल ट्रांसफार्मर में अचानक ब्लास्ट होने के बाद ईंधन ने आग पकड़ ली। स्विचयार्ड में धुआं और आग की लपटों को देखकर परियोजना के कर्मचारी भी दंग रह गए। इससे पहले कि कोई बड़ा हादसा हो जाता, महज कुछ ही मिनटों में परियोजना के कर्मचारी स्विच यार्ड में पहुंच गए और अग्निशमन यंत्रों की सहायता से ट्रांसफार्मर में भड़की आग को काबू पाने में जुट गए, लेकिन ट्रांसफार्मर में मौजूद करीब 40 से 50 लीटर ईंधन होने से आग विकराल हो गई। करीब 10 से 15 फीट ऊंचाई पर स्थापित ट्रांसफार्मर में आग की लपटों और धुएं के गुब्बार को देखते हुए आसपास के क्षेत्र के लोगों में भी अफरातफरी मच गई।
बस्सी परियोजना के आरई जितेंद्र कुमार से प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया कि वोल्टेज तारों की निगरानी के लिए स्थापित पोटेंशनल ट्रांसफार्मर में हुए ब्लास्ट के बाद स्विचयार्ड में स्थापित कई आईसूलेटर कंडक्टर समेत अन्य विद्युत उपकरणों को भी नुकसान पहुंचा है।
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हादसे के कारणों को लेकर बिठाई जांच
पालमपुर से जोगिंद्रनगर पहुंचे बस्सी परियोजना के अधीक्षण अभियंता धीरज धीमान ने बताया कि विद्युत उत्पादन ठप हो जाने से लाखों का नुकसान हुआ है। विद्युत बोर्ड के उच्चाधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट प्रेषित कर हादसे के अन्य कारणों पर भी जांच बिठा दी है। वहीं, दोपहर डेढ़ बजे तक विद्युत उत्पादन भी शुरू करने में परियोजना के तकनीकी कर्मचारियों ने सफलता हासिल की। उन्होंने स्विचयार्ड में हुए इस हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाने वाले सभी कर्मचारियों के प्रयासों को भी सराहा।