मंडी। पुलिस थाना सदर के तहत स्वास्थ्य उप केंद्र सैन में मंगलवार शाम को महिला सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) ने फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस ने मौके से एक सुसाइड नोट बरामद किया है। सुसाइड नोट में महिला ने परिजनों से माफी मांगते हुए अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। हालांकि सुसाइड नोट में महिला ने कर्ज का जिक्र किया है। ऐसे में पुलिस मान रही है कि कर्ज के दबाव में ही महिला सीएचओ ने यह कदम उठाया है।
जानकारी के अनुसार 31 वर्षीय नेहा ठाकुर पत्नी विजय कुमार निवासी गांव जोह, डाकघर सिद्धपुर, तहसील धर्मपुर, जिला मंडी रोजाना की तरह स्वास्थ्य उप केंद्र सैन में बतौर सीएचओ तैनात थी। मंगलवार को महिला ने दिनभर स्वास्थ्य उप केंद्र में सेवाएं दीं और जरूरी काम भी निपटाया। मगर शाम के समय उन्होंने पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
स्वास्थ्य उप केंद्र का दरवाजा आधा खुला होने और बाहर स्कूटी खड़े दिखने पर ग्रामीणों ने इसकी सूचना स्थानीय प्रधान को दी। इसके बाद प्रधान मौके पर पहुंचे तो अंदर फंदे पर महिला सीएचओ को झूलते हुए पाया। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शव को कब्जे में ले लिया। जांच के दौरान पुलिस को स्वास्थ्य उप केंद्र में एक सुसाइड नोट मिला।
सुसाइड नोट में महिला ने अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। मगर इसमें कर्जे का लेकर जिक्र किया है। ऐसे में पुलिस आत्महत्या का कारण ऋण का दबाव मान रही है। बताया जा रहा है कि महिला का पति सुजानपुर में पटवारी के पद पर तैनात है। नौकरी के कारण ही नेहा ठाकुर स्वास्थ्य उप केंद्र सैन के नजदीक ही अपने मायके से रहती थी और यहीं रोजाना ड्यूटी पर जाती थीं।
पुलिस ने सुसाइड नोट को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। वहीं, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों के हवाले कर दिया है। हर कोई महिला सीएचओ के इस कदम से हैरान हैं। पूरे इलाके में इस घटना से सनसनी फैल गई है। उधर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर चंद्र ने बताया कि मामले में सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।