सुंदरनगर (मंडी)। ब्यास सतलुज लिंक (बीएसएल) परियोजना की नहर के साथ सटी विकास खंड धनोटू की लोअर बहली पंचायत के गांव हरवानी, मसोह और दमोह गांव के लोग पेयजल और सिंचाई सुविधा के लिए जूझ रहे हैं। खेत-खलिहानों को सिंचित करने के लिए नहर से पानी नहीं मिल रहा है। बेरोजगार युवा एवं किसान चाह कर भी अपनी भूमि में नगदी फसल का उत्पादन नहीं कर पा रहे हैं।
स्थानीय निवासी मुनि लाल, राम चंद्र, महंत राम, नरपत राम ने बताया कि गांव के निकट ही बीएसएल परियोजना की बग्गी-सुंदरनगर नहर है। इसी नहर से पानी लिफ्ट कर क्षेत्र की अन्य कई पंचायतों के खेतों को सिंचाई के लिए पहुंचाया गया है। नहर के करीब होने के बावजूद तीन गांव अभी भी पेयजल और सिंचाई सुविधा से वंचित हैं।
जल शक्ति विभाग सुंदरनगर इनके लिए कोई ऐसी योजना तैयार नहीं कर पाया है जिससे ग्रामीणों की समस्या का समाधान हो। गर्मी के सीजन में अमीर लोग तो पानी के टैंकर मंगवा कर भी गुजारा कर लेते हैं, लेकिन गरीब लोग अभी भी प्रशासन और राजनेताओं की तरफ देख रहे हैं। पिछड़े क्षेत्र की तरह यहां किसान खेती के लिए बारिश पर ही निर्भर हैं। किसानों ने उनके क्षेत्र को भी सिंचाई योजना के साथ जोड़ने की मांग की है। अगर सिंचाई सुविधा मिलेगी तो 3500 से चार हजार बीघा जमीन में नगदी फसलों को उगाकर अपनी आर्थिकी को मजबूत कर सकते हैं।
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सबसे अधिक खराब हालत हरवानी गांव की है। यहां पेयजल संकट बड़ी समस्या है। पंचायत के तीनों गांव को अगर सिंचाई की सुविधा मिले तो यहां की उपजाऊ जमीन भी सोना उगल सकती है। स्थानीय विधायक विनोद कुमार से लेकर सरकार को अवगत करवाया है लेकिन अभी तक सुनवाई नहीं हो पाई है।
-किशोरी लाल, प्रधान लोअर बैहली पंचायत
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इलाके के लिए 17 करोड़ रुपये की स्कीम लाई जा रही है। इससे पीने के पानी की समस्या का हल हो जाएगा। सिंचाई का जिम्मा मेरे पास नहीं है।
-रजत गर्ग, अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग सुंदरनगर