बल्ह में तहसीलदार के माध्यम से राज्यपाल को भेजा ज्ञापन
विधायक के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। चक्कर स्थित दुग्ध संयंत्र की कार्यप्रणाली और दूध खरीद व्यवस्था को लेकर पशुपालक एवं दुग्ध उत्पादक किसानों का आक्रोश मंगलवार को सामने आया। किसानों ने दूध परिवहन, मापतौल और गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। इस दौरान स्थानीय विधायक इंद्र सिंह गांधी की मौजूदगी में किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। मिल्क फेडरेशन के अध्यक्ष अनिल जम्वाल के नेतृत्व में किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में चिलिंग सेंटर से आने वाले वाहन के आगे के केबिन में दूध की कुछ बोतलें रखी दिखाई दे रही हैं। किसानों का कहना है कि इससे दूध के परिवहन, स्वच्छता और गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
किसानों ने मांग की कि दुग्ध संयंत्र में गेट एंट्री के बाद वाहनों के वजन और दूध की वास्तविक मात्रा के सत्यापन की प्रक्रिया की जांच करवाई जाए। इसके साथ ही चक्कर दुग्ध संयंत्र की वास्तविक दूध प्रसंस्करण क्षमता और उत्पाद निर्माण क्षमता का आकलन करने की मांग भी उठाई गई।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि दुग्ध उत्पादकों पर प्रतिदिन 20 लीटर दूध आपूर्ति की सीमा किस कानूनी और प्रशासनिक आधार पर लागू की गई है, इसकी समीक्षा की जाए। किसानों ने मिल्क हॉलीडे घोषित करने की वैधता और औचित्य की जांच, चिलिंग क्षमता की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन तथा क्षमता विस्तार के लिए किए गए प्रयासों की समीक्षा की मांग की।